भाकृअनुप – राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (समतुल्य विश्वविद्यालय), करनाल का 15वां दीक्षांत समारोह

5 मार्च, 2017, करनाल

भाकृअनुप- राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान के 15वां दीक्षांत समारोह का आयोजन 4 मार्च, 2016 को किया गया।

पद्मश्री डॉ. संजय राजाराम, विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता, 2014, पूर्व निदेशक, गेहूं कार्यक्रम, सम्मिट, पूर्व निदेशक, जैवविविधता एवं एकीकृत जीन प्रबंधन कार्यक्रम, आईसीएआरडीए द्वारा दीक्षांत समारोह कार्यक्रम के दौरान संभाषण दिया और 268 स्नातक विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इसके साथ ही विभिन्न संबद्ध विषयों के विद्यार्थियों को डिग्री सर्टिफिकेट, निदेशक मेडल तथा मेरिट सर्टिफिकेट भी प्रदान किये गये।

भाकृअनुप – राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (समतुल्य विश्वविद्यालय), करनाल का 15वां दीक्षांत समारोहभाकृअनुप – राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (समतुल्य विश्वविद्यालय), करनाल का 15वां दीक्षांत समारोह

इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. राजाराम ने समारोह में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश को अधिक संख्या में डेरी तथा संबंधित विषयों में प्रशिक्षित युवा व्यावसायिक प्रदान करने वाला अग्रणी संस्थान है। उन्होंने कहा कि डेरी मानवता को स्वस्थ बनाने वाला सशक्त विज्ञान है जो भारत जैसे बहुसंख्यक शाकाहारी देश की पोषण सुरक्षा से सीधे जुड़ा है।

डॉ. राजाराम ने देश की बढ़ती आबादी के लिए खाद्य की बढ़ती मांग जैसी चुनौतियों और संभावनाओं की चर्चा की। वर्ष 2030 तक भारत की आबादी 1527 मिलियन तक होने का अनुमान है। कुल वैश्विक आबादी में भारत की आबादी का प्रतिशत 17.6 है तथा विश्व की कुल भूमि का 2.97 मिलियन वर्ग कि.मी. है। भारत में आबादी का घनत्व 459 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में दूध आधारित छोटे व बड़े उद्यम स्थापना की काफी संभावना है। दुग्ध आधारित विशेष उत्पादों जैसे, चीज, लैक्टोज फ्री दूध इत्यादि की काफी मांग होगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 के भारतीय सांख्यिकी के अनुसार देसी गोपशुओं का औसत दूध उत्पादन 2.5 व भैसों का 5.2 कि.ग्रा. प्रतिदिन है। इसके विपरीत विदेशी संकर गायों का दूध उत्पादन 7.2 कि.ग्रा. प्रति दिन है। यह उत्पादन यूके और यूएस की 22 और 28 कि.ग्रा. प्रति दिन की तुलना में बहुत कम है। डॉ. राजाराम ने बताया कि देश में कुल कृषि योग्य भूमि का 4 प्रतिशत चारा उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि 15 प्रतिशत ग्लोबल वार्मिंग पशुपालन से जुड़ा है।

भाकृअनुप – राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान (समतुल्य विश्वविद्यालय), करनाल का 15वां दीक्षांत समारोहकार्यक्रम के दौरान एनडीआरआई सर्वश्रेष्ठ अध्यापक पुरस्कार के तहत स्नातक स्तर में डॉ. एस. के. तोमर व स्नातकोत्तर के लिए डॉ. योगेश खेत्रा को प्रदान किया गया। डॉ. एच. रहमान, उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) भाकृअनुप; डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, सदस्य, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली तथा डॉ. रामेश्वर सिंह, परियोजना निदेशक, कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए।

(प्रस्तुति: हिन्दी सम्पादकीय एकक)