आईसीएआर –सीएमएफआरआई द्वारा शैवाल से मोटापारोधी दवा का विकास

आईसीएआर –सीएमएफआरआई द्वारा शैवाल से मोटापारोधी दवा का विकासभाकृअनुप – केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संक्थान (सीएमएफआरआई) द्वारा शैवाल से मोटापारोधी दवा कैडलमिनTM एंटीहायपरकोलेस्टेरोलेमिक का विकास किया गया है। यह उत्पाद कैडलमिन एंटीहायपरकोलेस्टेरोलेमिक सत्त मोटापा तथा डायस्लिपिडेमिया का प्राकृतिक उपचार है। संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा इस दवा को समुद्री शैवाल से निर्मित किया गया है जो विशेष औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। यह भारतीय तटीय क्षेत्रों में आसानी से पाया जाता है।

न्यायधीस श्री पी. सथाशिवम, माननीय राज्यपाल, केरल द्वारा इस उत्पाद को संस्थान के 75वें स्थापना दिवस समारोह (प्लेटिनम जुबली) के अवसर पर 18 फरवरी, 2017 को जारी किया गया। कैडलमिनTM एंटीहायपरकोलेस्टेरोलेमिक सत्त के द्वारा डायस्लिपिडेमिया या मोटापा, पूरे एडिपोज ऊतक एवं आंत की वसा, ट्राइग्लिसराइड्स, कोलेस्ट्रॉल, फायदेमंद और हानिकारक या एचडीएल और एलडीएल को नियंत्रित किया जा सकता है। इस उत्पाद में चुने हुए शैवाल से प्राप्त प्राकृतिक समुद्री जैवसक्रिय तत्व है जिसे पेटेंट प्रौद्योगिकी की सहायता से 400 एमजी के कैपस्यूल में उत्पादित किया गया है।

कैडलमिनTM एंटीहायपरकोलेस्टेरोलेमिक सत्त संस्थान द्वारा उत्पादित चौथा चिकित्सकीय उत्पाद है। इससे पहले दो आर्थराईटिस तथा एक मधुमेह रोधी उत्पाद विकसित किया गया है। इन सभी उत्पाद का फार्मा कंपनी के माध्यम से व्यावसायीकरण भी किया गया है।

आईसीएआर –सीएमएफआरआई द्वारा शैवाल से मोटापारोधी दवा का विकास

(स्रोतः भाकृअनुप – केन्द्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसांनधान संस्थान, कोच्चि)