इंडो – यूएस सहयोगात्‍मक FTF-ITT कार्यक्रम का उद्घाटन

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (ICAR - CIFT), कोच्चि में 'मात्स्यिकी में हार्वेस्‍ट एवं पोस्‍ट हार्वेस्‍ट टैक्‍नोलॉजीज में हालिया रूझान' विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्‍य अतिथि डॉ. पी. राजेन्‍द्रन, कुलपति, केरल कृषि विश्‍वविद्यालय ने कहा कि 'जब तक मात्स्यिकी सेक्‍टर में विकसित जानकारी और प्रौद्योगिकियों का हस्‍तांतरण विश्‍वभर में जरूरतमंद लोगों तक नहीं किया जाता, तब तक जानकारी सृजन की सम्‍पूर्ण प्रक्रिया निरर्थक बनी रहेगी'। उन्‍होंने इस तथ्‍य पर प्रकाश डाला कि फसल क्षेत्र में वृद्धि के लिए अवसरों को लगभग हासिल कर लिया गया है, लेकिन मात्स्यिकी एवं पशुधन सेक्‍टर में वृद्धि के लिए अभी भी भरपूर क्षमता का दोहन किया जाना शेष है। जहां तक केरल और भारत की अर्थव्‍यवस्‍था का संबंध है, मात्स्यिकी एक प्रमुख सेक्‍टर है। इसकी भारत की कुल जीडीपी में 1 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी है और इससे देश में 15 मिलियन से भी अधिक लोगों को प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से आजीविका सुरक्षा मिलती है।

Inauguration of Indo-US collaborative FTF-ITT programme Inauguration of Indo-US collaborative FTF-ITT programme

वर्तमान पंद्रह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 'फीड दि फ्यूचर इंडिया ट्राइंगुलर ट्रेनिंग  (FTT-ITT) प्रोग्राम श्रृंखला का 11वां कार्यक्रम है । यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा का समाधान करने में प्रौद्योगिकीय प्रगति और नवोन्‍मेषी समाधान को अपनाने हेतु भारत, संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका और अफ्रीका के बीच एक त्रिपक्षीय सहयोग कार्यक्रम है। इंडो – यूएस संयुक्‍त पहल को यूएस सरकार का प्रतिनिधित्‍व करने वाले  USAID, भारत द्वारा वित्‍तीय सहायता प्रदान की जाती है और कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्‍वावधान में राष्‍ट्रीय कृषि प्रसार प्रबंध संस्‍थान (MANAGE), हैदराबाद द्वारा इसका समन्‍वय किया जाता है। इस कार्यक्रम में आठ सदस्‍य  देशों यथा अफगानिस्‍तान, घाना, केन्‍या, लाइबेरिया, मलावी, मंगोलिया, सूड़ान और उगाण्‍डा का प्रतिनिधित्‍व करने वाले कुल 22 पदाधिकारियों ने भाग लिया।

डॉ. सी.एन. रविशंकर, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (ICAR - CIFT), कोच्चि ने अपने अध्‍यक्षीय सम्‍बोधन में हार्वेस्‍ट एवं पोस्‍ट हार्वेस्‍ट मात्स्यिकी सेक्‍टर में ऐप्‍लीकेशन आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने में भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (ICAR - CIFT), कोच्चि की भूमिका पर प्रकाश डाला।

 डॉ. रवि नन्‍दी, मैनेज, हैदराबाद के कार्यक्रम प्रबंधक ने  FTT-ITT  कार्यक्रम की उत्‍पत्ति के बारे में संक्षिप्‍त जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम की घोषणा श्री बराक ओबामा, संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका के तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति द्वारा नवम्‍बर, 2010 में अपने भारत दौरे में की गई थी। इस कार्यक्रम का आशय वैश्विक खाद्य सुरक्षा हासिल करने में कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्रों में भारत की संस्‍थागत और प्रौद्योगिकीय मजबूती का उपयोग करना है। डॉ. ए.के. मोहन्‍ती, अध्‍यक्ष, प्रसार, सूचना एवं सांख्यिकी संभाग ने भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (ICAR - CIFT), कोच्चि के प्रशिक्षण कार्यक्रम का विहंगावलोकन प्रस्‍तुत किया। डॉ. सुशीला मैथ्‍यु, अध्‍यक्ष, जैव रसायनविज्ञान एवं पोषण संभाग ने स्‍वागत सम्‍बोधन प्रस्‍तुत किया जबकि डॉ. अशोक कुमार, अध्‍यक्ष, मत्‍स्‍य प्रसंस्‍करण संभाग ने धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया।  

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्‍थान (ICAR - CIFT), कोच्चि)