कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय

कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय (डीकेएमए) का दायित्व ICT आधारित प्रौद्योगिकी और सूचना प्रसार प्रणाली को बढ़ावा देने के अतिरिक्त कृषि से जुड़े सभी अंशधारकों तक महत्वपूर्ण जानकारियों को त्वरित, प्रभावी और कम से कम लागत में उपलब्ध कराने का है। सूचना एवं जानकारियों के प्रचार-प्रसार की अद्यतन तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए निदेशालय द्वारा भा.कृ.अनु.प. की प्रौद्योगिकियों, नीतियों और अन्य कार्यकलापों का प्रिन्ट, इलैक्ट्रॉनिक तथा वेब के जरिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। भा.कृ.अनु.प. की वेबसाइट की डिजाइनिंग, रख-रखाव और इसे अद्यतन बनाने पर आधारित नोडल केन्द्र के रूप में भी निदेशालय कार्यरत है। इसके अतिरिक्त भा.कृ.अनु.प. के संस्थानों और कृषि विज्ञान केन्द्रों के मध्य आपसी नेटवर्क संपर्क की सुविधा भी निदेशालय द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है। इतना ही नहीं डीकेएमए द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर परिषद् के लिए जनसंपर्क और प्रचार संबंधित कार्यकलाप भी किये जाते हैं।

प्राथमिकता वाले क्षेत्र

  • प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक और वेब में मूल्य वर्धित सूचना उत्पादों के जरिए कृषि ज्ञान एवं सूचना का प्रचार-प्रसार।
  • वैश्विक तौर पर कृषि ज्ञान और सूचना में ई-संसाधनों का विकास।
  • भा.कृ.अनु.प. संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केन्द्रों के मध्य ई-संपर्क को सुदृढ़ करना।
  • कृषि ज्ञान प्रबंधन और संचार के लिए क्षमता निर्माण।

प्रकाशनों की सूची

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
व्यवसाय प्रबंधक
कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय
भारतीय कृषि अनुसंधान परिशद
कृषि अनुसंधान भवन-।, पूसा
नई दिल्ली-110 012
फोन: 011-25843657, फैक्स: 09125841282
ई-मेल: bmicaraticar [dot] org [dot] in

उपलब्धियां

  • हैण्डबुक श्रृंखला के तहत प्रासंगिक एवं महत्वपूर्ण प्रकाशन- हैण्डबुक ऑफ एग्रीकल्चर, हैण्डबुक ऑफ हार्टीकल्चर, हैण्डबुक ऑफ एनिमल हस्बैंड्री और हैण्डबुक ऑफ फिशरीज़।
  • जमीनी स्तर पर कृषि ज्ञान प्रदान करने के लिए कृषि पर लोकप्रिय पुस्तक की श्रृंखला- एग्री पॉप सीरिज़ जारी की।
  • भा.कृ.अनु.प. की लोकप्रिय पत्रिकाओं में बदलाव पाठकों की मांग को देखते हुए और बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए किया गया।
  • एनएआईपी के सेर्रा प्रोजेक्ट के तहत 123 से ज्यादा पुस्तकालयों में एकल सदस्यता से 2000 पत्रिकाओं तक ऑनलाइन पहुंच की सुविधा प्रदान की गयी।
  • भा.कृ.अनु.प. की वेबसाइट में आमूल-चूल बदलाव करके इसे संबंधित संगठनों के साथ संबद्ध किया गया और मौसम आधारित कृषि सलाह देकर इसे ज्यादा उपयोगी बनाया गया।
  • राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान डेटाबेस का विकास किया गया और एग्रिस डेटाबेस (एफएओ) में बिबलोग्राफिक इनपुट का समावेश किया गया।
  • देश भर में फैले 192 कृषि विज्ञान केन्द्रों और 8 क्षेत्रीय प्रायोजना निदेशालयों के ई-संपर्क के लिए भा.कृ.अनु.प. मुख्यालय में एक हब का संचालन किया जा रहा है।
  • संपूर्ण भा.कृ.अनु.प. प्रणाली के लिए ई-मेल और वेबसाइट सेवा प्रदान करने के लिए एक केन्द्रीकृत और अत्याधुनिक डेटा केन्द्र की स्थापना की गयी है।
  • भारत सरकार के राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क प्रोजेक्ट ने 9 भा.कृ.अनु.प. संस्थानों/राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में संपर्क स्थापित कर दिया है और बाकी सभी संस्थानों को 100 एमबीपीएस ब्रोडबैंड से धीरे-धीरे जोड़ा जा रहा है।
  • ICAR ERNET नेटवर्क संपर्क द्वारा 23 चयनित भा.कृ.अनु.प. संस्थानों में विडियो कांफ्रेस और आईपी टेलीफोनी सुविधा प्रदान की गयी।
  • प्रसार कार्यक्रम के तहत सफल प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करती विडियो फिल्में बनाकर इनका नेशनल और लोकसभा चैनल पर प्रसारण किया गया। भा.कृ.अनु.प. पर रेडियो (AIR) और टेलीविजन (दूरदर्शन) कार्यक्रमों का प्रसारण किया गया।
  • भा.कृ.अनु.प. संस्थानों पर मीडिया बैठकों के आयोजन की सुविधा प्रदान करना।
  • भा.कृ.अनु.प. वेबसाइट पर इन-हाउस पत्रिकाओं के अलावा मासिक अनुसंधान पत्रिकाएं- इंडियन जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल सांइसेज और इंडियन जर्नल ऑफ एनिमल सांइसेज को ओपन एक्सेस मोड में उपलब्ध करवाया गया।
  • प्रकाशनों की ई-पब्लिशिंग, भा.कृ.अनु.प. संस्थानों की वेबसाइट का मानकीकरण, भा.कृ.अनु.प. के लिए डिजिटल सूचना प्रसार पद्धति का विकास और कृषि ज्ञान को साझा करने के लिए मास मीडिया मोबिलाइजेशन के लिए एनएआईपी प्रायोजित प्रोजेक्ट लांच किया गया।
  • भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली और भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ में प्रशिक्षण द्वारा भा.कृ.अनु.प. वैज्ञानिकों के कृषि संचार और ज्ञान प्रबंधन में क्षमता निर्माण करना ।

संपर्क सूत्र

डा. सतेंद्र कुमार सिंह, परियोजना निदेशक (द्क्मा)
पांचवीं मंजिल, कृषि अनुसंधान भवन-I, पूसा, नई दिल्ली 110 012 भारत
फोनः (कार्यालय) 91-11-25842787 फैक्सः 91-11-25843285
ई-मेलः pddkmaaticar [dot] org [dot] in