खारा जलजीव पालन जानकारी के प्रसार में मीडिया की भूमिका

विश्‍व में कृषि तथा इससे संबंधित सेक्‍टर में घटित होने वाले हालिया विकास पर आमजनों के बीच जागरूकता उत्‍पन्‍न करने में मीडिया (प्रिन्‍ट, विजुयल तथा डिजिटल) एक प्रमुख भूमिका निभाती है। यह बहुत जरूरी है कि कृषि अनुसंधान संस्‍थानों को अपने प्रौद्योगिकी नवोन्‍मेष, सफल गाथाओं और विकास पहल को किसानों, नीति निर्माताओं और हितधारकों तक पहुंचाने के लिए मीडिया के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए। इस दिशा में, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय खारा जलजीव पालन संस्‍थान (ICAR-CIBA), चेन्‍नई द्वारा हितधारकों के साथ संचार स्‍थापित  करने के प्रयोजन से मीडिया के साथ भागीदारी बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए दिनांक 15 सितम्‍बर, 2017 को संस्‍थान में एक वैज्ञानिक-मीडिया पारस्‍परिक बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रेस, विजुयल और डिजिटल मीडिया, कृषि पत्रिकाओं के संवाददाताओं, सिटी कॉलेज से पत्रकारिता के स्‍नातकोत्‍तर छात्रों और कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया।

Interaction Meet on Role of Media in Dissemination of Interaction Meet on Role of Media in Dissemination of

तकनीकी सत्र में, डॉ. के.के. विजयन, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय खारा जलजीव पालन संस्‍थान, चेन्‍नई ने संस्‍थान की ब्राण्डिंग और इसकी प्रौद्योगिकियों के बारे में जानकारी देते हुए जनता, किसानों और उद्यमियों तक भाकृअनुप – केन्‍द्रीय खारा जलजीव पालन संस्‍थान, चेन्‍नई की प्रौद्योगिकियों को पहुंचाने में प्रेस द्वारा किए गए मीडिया कवरेज के प्रभाव पर प्रस्‍तुतिकरण दिया। उन्‍होंने खाद्य, रोजगार सृजन एवं खुशहाली में योगदान देने के संबंध में देश के आर्थिक विकास में खारा जलजीव पालन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए इस बात पर बल दिया कि आने वाले समय में सुरक्षित खाद्य और जल की जरूरत को विशेष महत्‍व मिलेगा और देश में अनुसंधान संस्‍थानों से निकलने वाले अनुसंधान एवं विकास को लोकप्रिय बनाने में मीडिया की भूमिका महत्‍वपूर्ण है। पुन: उन्‍होंने एशियन सीबास मत्‍स्‍य (लेट्स कैलकरीफर  ) एवं मिल्‍कफिश (चैनोज चैनोज  ), देसी श्रिम्‍प अथवा झींगा  (पीनियस इण्डिकस  ) के बीज उत्‍पादन में, श्रिम्‍प अथवा झींगा के लिए वन्‍नामी  प्‍लस फीड के विकास में, तथा श्रिम्‍प अथवा झींगा के पालन पर मोबाइल ऐप (वन्‍नामी श्रिम्‍पऐप ) एवं नैदानिकी किट के विकास की उपलब्धियों का उदाहरण दिया। निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय खारा जलजीव पालन संस्‍थान (ICAR-CIBA), चेन्‍नई ने लगातार सहयोग देने के लिए मीडिया का धन्‍यवाद किया और यह विचार प्रकट किया कि अनुसंधान संस्‍थानों के साथ भागीदारी मोड में उनके लगातार प्रयासों से भारतीय कृषि एवं किसान समुदाय के लिए काफी हद तक टिकाऊ प्रगति हासिल करने में मदद मिलेगी।  मीडिया बंधुओं और वैज्ञानिकों के बीच आपसी विचार-विमर्श के दौरान, इस बात पर बल दिया गया कि किसानों को समझाने हेतु प्रौद्योगिकीय जानकारी को एक रोचक प्रारूप में प्रस्‍तुत किया जाए जिसके लिए प्रौद्योगिकियों के मामला अध्‍ययनों का विकास किया जाए और प्रौद्योगिकीय हस्‍तक्षेपों को स्‍थानीय भाषाओं में सफल कहानियों में रूपांतरित किया जाए जो कि अंतिम उपयोगकर्ता तक प्रौद्योगिकी को पहुंचाने के लिए बहुत जरूरी है।

उद्घाटन सत्र के दौरान, मुख्‍य अतिथि श्री एम. अन्‍नादुरई, आईआईएस, निदेशक, फील्‍ड पब्लिसिटी निदेशालय  (DFP),  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने इस बात को रेखांकित किया कि समाज में महसूस की जा रहीं जरूरतों के बारे में जानने और खेत समस्‍याओं का समाधान करने में संस्‍थानों में उपलब्‍ध प्रौद्योगिकीय समाधानों को किसानों तक ले जाने में किसी भौगोलिक क्षेत्र में स्थित वैज्ञानिक संस्‍थानों और मीडिया के बीच लगातार सम्‍पर्क का बने रहना अनिवार्य है। पुन: मुख्‍य अतिथि ने कहा कि संस्‍थान – मीडिया सम्‍पर्क रणनीति की योजना तैयार करते समय बाजार में मांग व आपूर्ति और मीडिया के बीच कड़ी प्रतिस्‍पर्धा तथा सोशल मीडिया का प्रभाव जैसे कुछ मुद्दे हैं जिनको समझना व जानना जरूरत है। डॉ. एम. कुमारन, प्रधान वैज्ञानिक और कार्यक्रम के समन्‍वयक ने इस बात पर संक्षिप्‍त जानकारी दी कि उत्‍प्रेरक मीडिया द्वारा सार्वजनिक समर्थन एवं फण्डिंग के लिए नीति निर्माताओं तक मुद्दों को पहुंचाने और विज्ञान को लोकप्रिय बनाने में मीडिया महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। साथ ही मीडिया द्वारा प्रति दिन के लिए सनसनीखेज खबरों के बीच इन्‍हें स्‍थान देकर संतुलन स्‍थापित कर सकता है। डॉ. सी.वी. साईराम, प्रधान वैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक प्रभारी, समाज विज्ञान संभाग, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय खारा जलजीव पालन संस्‍थान (ICAR-CIBA), चेन्‍नई ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का स्‍वागत किया जबकि डॉ. टी. रविशंकर, प्रधान वैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक प्रभारी, संस्‍थान प्रौद्योगिकी प्रबंधन इकाई, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय खारा जलजीव पालन संस्‍थान (ICAR-CIBA), चेन्‍नई ने धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया।