केवीके के लिए आन लाइन रिपोर्टिंग प्रणाली पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

नई दिल्ली, 30 जुलाई, 2010

कृषि विज्ञान केंद्र के आनलाइन रिपोर्टिंग प्रणाली पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया , जिसका उद्घाटन डॉ. के. डी. कोकाटे, उप-महानिदेशक, कृषि विस्तार, आईसीएआर ने आज ई-केवीके हब, कैब-1, नई दिल्ली में किया। ई-केवीके हब के पहले आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि विस्तार प्रभाग, आईसीएआर द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण से महत्वपूर्ण संसाधनों जैसे समय, धन आदि की बचत में मदद मिलेगी।

इस आनलाइन रिपोर्टिंग का एक हिस्सा ‘किसी भी समय केवीके’ (एटीके) है जो प्रभाग पोर्टल के वैगन व्हील विंडो की एक इंट्रानेट सेवा है। आईसीएआर द्वारा इस पहल को केवीके की गतिविधियों का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए विकसित किया गया है, जिसे निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से कृषि विस्तार प्रभाग, आईसीएआर ने वीएलएच सॉल्यूशन्स, हैदराबाद के सहयोग से तैयार किया है। यह सॉफ्टवेयर केवीके में आंकड़ों की प्रविष्टि करने, विभिन्न योजनाओं को तैयार करने और उनके कार्यान्वयन तथा विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट तैयार करने में सहयोगी होगा।

 

एटीके विषय सामग्री विशेषज्ञों की नौकरियों के लिए पूरा रिकॉर्ड रखने तथा निर्धारित कार्यों के लिए आनलाइन अनुमोदन प्राप्त करने में मददगार सिद्ध होगा तथा साथ ही कार्यक्रम समन्वयक की समीक्षा करने, संशोधित करने, कार्य योजना का अनुमोदन करने एवं एसएमएस पर नजर रखने व संरचित रिपोर्ट उत्पन्न करने में भी सक्षम होगा। एटीके क्षेत्रीय परियोजना निदेशकों और आईसीएआर के वरिष्ठ अधिकारियों के अधिकार की समीक्षा करने और उनके संचालन के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत केवीके की गतिविधियों की निगरानी रखने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का सम्पादन भी कर सकेगा। इसके अलावा एटीके की अन्य विशेषताओं में सुरक्षित और प्रमाणीकृत उपयोगकर्ता लॉग इन, सूक्ष्म एवं स्थूल स्तर पर योजना, सहज और आनलाइन केवीके डाटाबेस तक पहुंच शामिल है।

 

डॉ. के. महादेव रेड्डी, जोन-5 हैदराबाद, संजय कुशवाहा, जोन-7 जबलपुर और डॉ. पी. आदिगुरु, कृषि विस्तार प्रभाग, आईसीएआर, नई दिल्ली ने ई-केवीके हब के प्रशिक्षण में सहायता की जबकि कम्प्यूटर प्रोग्रामर, आठ क्षेत्रीय परियोजना निदेशालयों के वरिष्ठ वैज्ञानिक, परियोजना समन्वयक, विषय सामग्री विशेषज्ञ और 192 ई-लिंकेज तथा 120 गैर लिंकेज केवीके प्रशिक्षण में शामिल हुए।

इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान केवीके और क्षेत्रीय परियोजना निदेशालयों की ओर से 86 और 221 फीडबैक कॉल प्राप्त किए गए। केवीके और क्षेत्रीय परियोजना निदेशालयों के 500 से ज्यादा उपयोगकर्ताओं ने अपनी तरह के इस पहले प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। .

(स्रोत: एनएआईपी सब-प्रोजेक्ट मास-मीडिया मोबिलाइजेशन, दीपा और कृषि विस्तार प्रभाग, भा.कृ.अनु.प.)