डॉ. एस अय्यप्पन का भारतीय कृषि पर जन-व्याख्यान

19 नवम्बर 2012, नई दिल्ली

Dr. S. Ayyappan Delivered Public  Lecture on Indian Agricultureडॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (इनसा), नई दिल्ली में भारतीय कृषिः करोड़ों को भोजन’विषय पर आज यहां एक सार्वजनिक व्याख्यान दिया।

इस विद्वत्तापूर्ण व्याख्यान में, डॉ. अय्यप्पन ने विधिवत जानकारीपूर्ण स्लाइड्स की सहायता से आजादी के बाद से भारतीय कृषि के विकास क्रम के बारे में बताते हुए भारतीय कृषि के लिए मील का पत्थर साबित हुई अन्य उपलब्धियों को भी उजागर किया। सीमित संसाधनों और उभरती चुनौतियों के बावजूद देश की बढ़ती जनसंख्या के लिए भरपूर खाद्यान उपलब्ध कराने का श्रेय भारतीय कृषि को जाता है। हालांकि, उन्होंने भूख और कुपोषण जैसी प्रचलित समस्याओं पर चिंता व्यक्त की जिन पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. अय्यप्पन ने भविष्य में भूमि, जल एवं ऊर्जा के साथ-साथ भोजन और अन्य कृषि उत्पादों की मांग के परिप्रेक्ष्य में यह प्रस्तुति दी। उन्होंने वर्तमान में चल रहे अनुसंधान कार्यों के आधार पर यह आशा भी व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में देश खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से सुदृढ़ बना रहेगा।

Dr. S. Ayyappan Delivered Public  Lecture on Indian Agricultureडॉ. अय्यप्पन ने भारतीय कृषि द्वारा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों जैसे नैनो प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी को अपनाकर पशुपालन, मत्स्य पालन आदि कृषि प्रणालियों की उत्पादकता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न पहलुओं जैसे जलवायु अनुरूप कृषि पर राष्ट्रीय पहल (निक्रा) एवं अजैविक तनाव सहने योग्य फसलों के विकास की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि में लाभप्रदता बढ़ाने के लिए 130 अधिक लाभकारी अंतर-फसल प्रणाली मॉडल विकसित किये गये हैं। उन्होंने आईसीएआर द्वारा कृषि क्षेत्र में युवाओं को आकर्षित करने और महिलाओं की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि अनुसंधान को किसानों के लिए अधिक अनुकूल बनाने वाले विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।

व्याख्यान के अंत में उन्होंने श्रोताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत भी की। इन्सा द्वारा यह कार्यक्रम जनमानस के बीच विज्ञान का प्रसार करने की दृष्टि से आयोजित किया गया था। श्रोताओं में आम लोगों के अलावा विभिन्न विषयों और संस्थाओं के प्रख्यात वैज्ञानिकों, इनसा के फैलो एवं विद्यालय के छात्र भी शामिल थे। यह व्याख्यान इंटरनेट समुदाय के लिए वेब पर उपलब्ध था।

यह कार्यक्रम प्रो कृष्ण लाल, अध्यक्ष, इनसा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

 

 

 

(स्रोतः एनएआईपी मास मीडियाप्रोजेक्ट,डीकेएमए,आईसीएआर)