भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भा.कृ.अनु.प. द्वारा जनसंवाद सत्र आयोजित

5 फरवरी, 2014 जम्मू

ICAR-Public Outreach Session at Indian Science Congress, Jammuभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू में चल रहे भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 101वें सत्र में जनसंवाद सत्र का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता डॉ. आर.बी. सिंह, पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी, विख्यात विचारक एवं दार्शनिक ने की। सत्र के दौरान वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों, शोध छात्रों एवं कृषि व्यवसायियों से बातचीत की और उन्हें इस क्षेत्र से संबंधित उपयोगी जानकारियां प्रदान की।

डॉ. सिंह ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में राष्ट्रीय हित के व्यवसाय के रूप में कृषि की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से कृषि को कॅरियर के रूप में अपनाकर गौरवशाली आजीविका के साथ राष्ट्र की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि उत्पादकता और लाभ बढ़ाने के लिए किसानों को नवीनतम प्रौद्योगिकियां अपनाने की सलाह दी। डॉ. सिंह ने बताया कि प्रौद्योगिकीय हस्तक्षेप और ज्ञान प्रसार के जरिये भारतीय किसानों की सेवा करने के लिए अपने विस्तृत नेटवर्क के साथ भा.कृ.अनु.प. में अपार क्षमता है।

इससे पूर्व डॉ. रामेश्वर सिंह, परियोजना निदेशक, कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय (डीकेएमए) ने किसानों और उद्यमियों के लिए उपलब्ध भा.कृ.अनु.प. सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। छात्रों को दी जाने वाली विभिन्न स्कॉलरशिप और फैलोशिप के बारे में भी जानकारी दी गई। डॉ. रामेश्वर सिंह ने विविधतापूर्ण कृषि द्वारा लाभ बढ़ाने के लिए किसानों से अपने क्षेत्र के कृषि विज्ञान केन्द्रों और भा.कृ.अनु.प. संस्थानों द्वारा प्रदत्त सुविधाओं का लाभ उठाने का अनुरोध किया। डॉ. जगदीप सक्सेना, संपादक, डीकेएमए ने जनसंवाद सत्र के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी और श्रोताओं को इस विचार-विमर्श के लिए प्रोत्साहित किया।

ICAR-Public Outreach Session at Indian Science Congress, JammuICAR-Public Outreach Session at Indian Science Congress, JammuICAR-Public Outreach Session at Indian Science Congress, Jammu

ICAR-Public Outreach Session at Indian Science Congress, Jammuडॉ. के.एस. रिसाम, निदेशक विस्तार, शेरे-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू ने विश्वविद्यालय और इससे जुड़े कृषि विज्ञान केन्द्रों की विस्तार गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त प्रस्तुति दी। डॉ. रिसाम ने संवाद की शुरुआत की और किसानों तथा छात्रों के साथ वार्ता सत्र कार्यक्रम किया। सीआईटीएच, श्रीनगर और आईजीएफआरआई, झांसी के निदेशकों; काजरी, आईजीएफआरआई और एनबीपीजीआर के श्रीनगर स्थित क्षेत्रीय केन्द्र इंचार्ज; डीन, पशु विज्ञान संकाय, एसकेयूएएसटी-जे; भा.कृ.अनु.सं. के वैज्ञानिकों व स्थानीय कृषि संस्थानों के विशेषज्ञों ने श्रोताओं से बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिये। किसानों ने कई विषयों जैसे- गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति और उत्पादन; मशरूम और स्ट्राबेरी उत्पादन; समेकित कृषि; पशु पालन; फसल किस्मों की पहचान; जैव प्रौद्योगिकी; जैविक खेती और कृषि नीति पर सवाल किये।

छात्रों, किसानों, युवा अनुसंधानकर्ताओं, प्रसार कर्मियों और आम जनों ने इस सार्वजनिक संवाद सत्र में भाग लिया। प्रतिभागियों को भा.कृ.अनु.प. के कार्यकलापों और सेवाओं के बारे में उपयोगी साहित्य भी दिया गया।

5th February, 2014, Jammuकार्यक्रम का आयोजन कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय और शेरे-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

(स्रोतः एनएआईपी मास मीडिया प्रोजेक्ट, डीकेएमए, आईसीएआर)