प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय विज्ञान कांग्रेस के 101वें सत्र का उद्घाटन

भा.कृ.अनु.प. के पैवेलियन में कृषि नवोन्मेषों का प्रदर्शन

3 फरवरी, 2014, जम्मू

The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh addressing at the 101<sup>st</sup> Indian Science Congress, in Jammu on February 03, 2014.भारत के माननीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय विज्ञान कांग्रेस (3-7 फरवरी, 2014) के 101वें सत्र का उद्घाटन जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू में किया। अपने संबोधन, में अवैज्ञानिक मान्यताओं को हटाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा की सुनिश्चितता एवं भूमि और जल उत्पादकता में सुधार हेतु हमें सदाबहार क्रांति लाने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत करनी होगी। इससे हमारे कृषि वैज्ञानिकों की कुशलता का परीक्षण होगा। इस कार्य में जलवायु अनुरूप कृषि और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकीय उपाय आशाजनक साबित होंगे। जैव प्रौद्योगिकी के प्रयोग से उत्पादन में सुधार की असीम क्षमता है। सुरक्षा की सुनिश्चितता के साथ-साथ हमें बीटी फसलों के प्रति अवैज्ञानिक धारणाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए।.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि विकास में नई प्रौद्योगिकियों के प्रयोग को प्रोत्साहन देने में हमारी सरकार पूर्णतया कृत संकलप है। मैं वैज्ञानिक समुदाय का आह्वान करता हूं कि वे सामाजिक स्तर पर संचार एवं जुड़ाव बनाये रखते हुए प्रौद्योगिकीय विकल्पों के उत्पादक प्रयोग की जानकारी दें ताकि लघु एवं मध्यम उद्यमों की उत्पादकता में सुधार किया जा सके।

डॉ. सिंह ने वैज्ञानिक तरीके से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए अपने विचारोत्तेजक संबोधन की समाप्ति की। Shri S. Jaipal Reddy , Minister for Ministry of Science & Technology and Ministry of Earth Sciences उन्होंने कहा कि विज्ञान को हमारी मूल्य प्रणाली में सर्वोच्च स्थान दिया जाना चाहिए। समूचा समाज इसके विकास के लिए एकजुट होकर सहायता प्रदान कर सके। यह केवल इसलिए आवश्यक नहीं है कि हमारा भविष्य इस पर निर्भर करता है, बल्कि एक प्रगतिशील, विवेकशील और मानवीय संवेदनशील समाज के विकास के लिए लोगों में वैज्ञानिक सोच का होना भी जरूरी है। मैं आशा करता हूं कि हमारे वैज्ञानिक और शिक्षाविद गंभीरता से इस बात पर विचार करेंगे कि कैसे हम समाज की सोच में यह रूपान्तरण ला सकते हैं।

वहीं, श्री एस. जयपाल रेड्डी, केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और भू-विज्ञान मंत्री ने जम्मू विश्वविद्यालय, जम्मू में भारतीय विज्ञान कांग्रेस-2014 के साथ लगे इंडिया विज़न-2020 मेगा एक्सपो का उद्घाटन किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने इस एक्सपो में भाग लेकर भारतीय कृषि को प्रभावित करने वाली अद्यतन प्रौद्योगिकियों, नवोन्मेषों और उत्पादों की तरफ आगन्तुकों का ध्यान आकर्षित किया। समाज के सभी वर्गों के दर्शकों ने भारी संख्या में इस एक्स्पो में हिस्सा लिया। जीवंत नमूने और वैज्ञानिकों के साथ सीधी बातचीत आईसीएआर पैवेलियन के प्रमुख आकर्षण रहे।

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इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में विश्व भर से आये वैज्ञानिकों के संभाषण और पत्र शामिल हुए। 65 देशों के प्रतिभागियों के अलावा देश भर से आए वैज्ञानिकों ने इस में हिस्सा लिया।

(स्रोत: एनएआईपी मास मीडिया प्रोजेक्ट, डीकेएमए, आईसीएआर)