शुष्क क्षेत्र में फसल विविधीकरण की संस्तुति

25 जनवरी, 2014, जोधपुर

डॉ. के.डी. कोकाटे, उपमहानिदेशक (कृषि विस्तार), भा.कृ.अनु.प. ने डॉ. वाई.वी. सिंह, जेड पीडी, जोन टप्ए जोधपुर के साथ 25 जनवरी, 2014 को परिषद द्वारा अपनाये गये सिंघारी गांव का दौरा किया। इस अवसर पर अनार उत्पादक किसानों से उन्होंने बातचीत की। किसानों ने बताया कि केवीके के अधिकारियों ने उन्हें फसल विविधीकरण की सलाह दी थी। अब 8 गांवों में ये किसान अनार से प्रति हैक्टर 2 लाख रु. की शुद्ध कमाई करते हैं।

डॉ. कोकाटे ने किसानों के प्रयत्नों की सराहना की और उन्हें निर्यात गुणवत्ता के अनार उत्पादन में अपने अनुभवों को साझा करने के लिए कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान की तरह 'अनार उत्पादक एसोसिएशन' बनाने की सलाह दी। इसके बाद उपमहानिदेशक ने गांव चोहाटन के शंखपुष्पी और मुलहठी जैसे औषधीय फसल उत्पादक किसानों से बातचीत की। बाड़मेर जिले में इन नयी व्यावसायिक फसलों को उगाने के लिए उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने ने केवीके, बाड़मेर के अधिकारियों से बातचीत करते हुए राजस्थान के शुष्क क्षेत्र के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा की। डॉ. कोकाटे ने गणतंत्र दिवस पर जेडपीडी ऑफिस में ध्वजारोहण किया और एकत्रित लोगों को संबोधित किया। केवीके की उपलब्धियों पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

(स्रोत: क्षेत्रीय प्रायोजना निदेशक, जोन टप्ए जोधपुर)