सुन्दरबन के बाली द्वीप में परामर्श कार्यशाला का आयोजन

2 अक्टूबर 2013, सुन्दरबन

गांधी जयंती के अवसर पर सुन्दरबन के दूरस्थ और अल्पविकसित द्वीपों के विकास में हस्तक्षेप की रणनीति बनाने के लिए भा.कृ.अनु.प. ने ’सुंदरबन के बाली द्वीप पर आजीविका विकल्प के लिए एक्शन प्लान’ विषय पर परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया।

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डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर और महानिदेशक, भा.कृ.अनु.प. ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। भा.कृ.अनु.प. के अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई की विकास के क्षेत्र में बाली अन्य पिछड़े और अल्पविकसित द्वीपों के लिए मॉडल बन जाएगा। जनजातीय उपयोजना (टीएसपी) के जरिए विकास कार्यक्रम शुरू करने करने के लिए उन्होंने केन्द्रीय ताजा जलजीव संवर्द्धन संस्थान (सीफा) की प्रशंसा की।

श्री अरविन्द कौशल, अपर सचिव, डेयर और सचिव, भा.कृ.अनु.प. ने पिछड़े समुदाय के उत्थान के लिए महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानन्द से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उपनिदेशकों और विभिन्न संस्थानों के निदेशकों ने विकास कार्यकलापों के लिए सतत सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भी चर्चा की और रणनीतियां सुनाई।

इससे पूर्व डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, सीफा ने गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया और डॉ. एस. अय्यप्पन को धन्यवाद दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि परिषद के इस प्रयास से बाली के लोगों को गरीबी से राहत मिलेगी।

डॉ. एस अय्यप्पन और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सीफा प्रौद्योगिकियों से लाभान्वित गांवों का दौरा भी किया। इस दौरान उन्होंने कृषि, पशुपालन और मात्सयिकी संबंधी आजीविका के विकल्पों की भी ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने बाली द्वीप में आजीविका सुधार के लिए एक्शन प्लान और भारत के जनजातीय क्षेत्रों में आजीविका प्रोत्साहन के लिए संबंधित संस्थानों की टीएसपी फंड की समीक्षा की।

सुंन्दरबन क्षेत्र में स्थित बाली एक छोटा सा द्वीप है। यहां जनजातीय जनसंख्या है और वर्ष 2009 में चक्रवाती तूफान से तबाही होने के कारण पशुधन और जैव विविधता को भारी नुकसान पहुंचा जिससे खाद्य संकट उत्पन्न हो गया था। बाली के जनजातीय लोगों की मदद के लिए सीफा ने जनजातीय उपयोजना (टीएसपी) के तहत आजीविका सुधार कार्यक्रम शुरू किया है।

(स्रोत: सीफा, भुवनेश्वर)