सब्जियों की उन्नत व संकर किस्मों का आईआईएचआर में प्रदर्शन

7 सितंबर 2013, बंगलूरू

भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बंगलूरू में सब्जी की उन्नत किस्मों और एच1 संकर उत्पादन तकनीक पर आधारित फील्ड डे का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न सब्जियों की विकसित उन्नत एवं संकर किस्मों का प्रदर्शन किया गया और किसानों को इनके उत्पादन के लिए तकनीकी जानकारियां दी गईं।

Field Day organized on Improved Vegetable Varieties/F1 Hybrids at IIHRField Day organized on Improved Vegetable Varieties/F1 Hybrids at IIHRField Day organized on Improved Vegetable Varieties/F1 Hybrids at IIHRField Day organized on Improved Vegetable Varieties/F1 Hybrids at IIHR

डॉ. ए.टी. सदाशिव, प्रधान वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, सब्जी फसल विभाग, ने विभिन्न सब्जियों की उच्च उत्पादकता वाली किस्में और 22 सब्जियों की संकर किस्में प्रस्तुत की। ये सभी किस्में हाल ही में विकसित की गईं हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1968 में अपनी स्थापना के बाद से आईआईएचआर ने सब्जियों की 19 उच्च उत्पादकता वाले एच1 संकर सहित 96 उन्नत किस्में विकसित की हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में मूली, मटर, फ्रेंच बीन्स, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, पालक, प्याज आदि की मिनी बीज किट उपलब्ध है। किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।

इस मौके पर टमाटर, मिर्च, बैंगन, बीन, मटर, पालक, धनिया, कद्दू आदि की संकर किस्में पेश की गई। यह सभी किस्में उच्च उत्पादकता और तीन गुना रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता वाली हैं। इस दौरान किसानों और वैज्ञानिकों के बीच एक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें किसानों ने इन फसलों की बुवाई, देखभाल, उर्वरक का इस्तेमाल, सिंचाई आदि समेत इनके उत्पादन संबंधी विभिन्न पहलुओं पर वैज्ञानिकों से प्रश्न पूछे। वैज्ञानिकों ने अपने उत्तर से उनकी जिज्ञासा शांत की और खेती में वैज्ञानिक पद्धति अपनाने की सलाह दी।

मुख्य अतिथि श्री एम.के. शंकरलिंगे गौड़ा, प्रमुख सचिव, बागवानी ने बताया कि लोगों में खासकर महिलाओं और बच्चों में पोषण को सुनिश्चित करने के लिए आईआईएचआर बिदर, गुलबर्ग, कोप्पल, यदगिरी, रायचुर और बेल्लारी जिले के किसानों को 10 प्रमुख सब्जियों के बीज वाली किट उपलब्ध कराएगा। इन जिलों में बीज और सब्जियों के पौधे बांटने के लिए विभाग ने 2.5 करोड़ रुपये का बजट रखा है।

डॉ. डी.एल. महेश्वर, निदेशक, बागवानी विभाग, डॉ. प्रेमनाथ, अध्यक्ष, पीएनएएसएफ, श्री बोस मंडाना, उपाध्यक्ष, कॉफी बोर्ड, डॉ. ए.एस. सिद्धू, निदेशक, आईआईएचआर सहित 50 वैज्ञानिकों और 300 से ज्यादा किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया। डॉ. टी.एस. अघोरा, प्रधान वैज्ञानिक ने धन्यवाद प्रस्ताव किया।

(स्रोत: भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान, बंगलूरू)