जलीय समुत्थानशील जलजीव पालन पर विशेषज्ञ बैठक

6th September 2013, Bhubaneswar

केन्द्रीय ताजा जलजीव पालन संस्थान (सीफा), भुवनेश्वर में 6 सितम्बर, 2013 को ‘जलीय समुत्थानशील जलजीवपालन-विजन 2050’ पर विशेषज्ञ परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। डॉ. के.के. व्यास, भूतपूर्व निदेशक, सीआईएफआरआई, बैरकपुर ने इस बैठक का उद्घाटन किया और डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, सीफा ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इस बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डॉ. जयशंकर ने जलजीवपालन के लिए जल के दक्ष और उत्पादनशील प्रयोग पर जोर दिया और जल समुत्थानशील मत्स्य पालन के विषय में बताया।

डॉ. के.के. वास, भूतपूर्व निदेशक, सीआईएफआरआई, बैरकपुर, डॉ. वी.वी. सुगुनन, भूतपूर्व सहायक महानिदेशक (अन्तःस्थलीय मात्स्यिकी), भा.कृ.अनु.प., डॉ. अरूणाभ मित्रा, प्रो., जलजीवपालन अभियांत्रिकी संभाग, आईआईटी, खड़गपुर, डॉ. एस. पसुपालन, प्रो. और अध्यक्ष, कृषि मौसम विभाग, क्यूयूएटी, भुवनेश्वर, डॉ. बलराम पाणिग्राही, प्रो. और अध्यक्ष, मृदा और जल संरक्षण अभियांत्रिकी, सीएईटी, क्यूयूएटी, भुवनेश्वर और डॉ. एल.एम. गारनायक, प्रमुख सस्यवैज्ञानिक, एआईसीआरपी, आईएफएस, क्यूयूएटी, भुवनेश्वर इस विशेषज्ञ परामर्श बैठक में सम्मानीय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित थे।

विशेषज्ञों ने वर्ष 2050 में ताजा जल उपलब्धता के विषय में अपने विचार व्यक्त किया और जलीय समुत्थानशील जलजीव पालन अपनाने का सुझाव दिया क्योंकि आगामी 10-20 वर्षों में जल की बहुत कमी होने वाली है।

सीफा के वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी और रिसर्च स्कॉलर तथा भा.कृ.अनु.प. के मात्स्यिकी संस्थानों के वैज्ञानिक भी इस बैठक में उपस्थित थे।

डॉ. एस. अधिकारी, प्रमुख वैज्ञानिक ने इस कार्यक्रम का समन्वयन किया।

(स्रोत: सीफा, भुवनेश्वर)