नारियल और सुपारी पर आमुख चर्चा कार्यक्रम

27 अगस्त 2013, सुलिया

सीपीसीआरआई ने बागवानी विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, विकास अधिकारियों और कर्नाटक के किसानों के साथ मिलकर नारियल और सुपारी उत्पादकों की समस्याओं को सुलझाने के लिए प्रौद्योगिकी विकल्प हेतु आमुख चर्चा कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन किया।

श्री रमानाथ राय, वानिकी और पर्यावरण मंत्री, कर्नाटक सरकार ने सुलिया, दक्षिण कन्नड़ में 27 अगस्त, 2013 को इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने सुझाया कि सुपारी उत्पादकों की समस्याओं से निपटने के लिए उत्पादन की वैज्ञानिक विधि ही दीर्घावधि समाधान है। लाभ कमाने के लिए किसानों को सीपीसीआरआई द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियां अपनानी चाहिए। श्री अंगारा, विधायक, सुलिया ने कृषकों को वैज्ञानिक खेती करने की सलाह दी।

श्री प्रमोद माधवराज, उडुपी के विधायक ने 24 अगस्त को ब्रह्मवार, उडुपी जिले में कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए नारियल उत्पादकों को नवोन्मेषी प्रौद्योगिकियां अपनाने की सलाह दी। जैसे वर्जिन नारियल तेल, नारियल चिप्स, नारियल नीर, शुगर आदि।

डॉ. जार्ज वी थॉमस, निदेशक, केन्द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान, कासरगोड और संभाग प्रमुखों ने संस्थान द्वारा विकसित विभिन्न फसल सुधार, उत्पादन, सुरक्षा प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन प्रौद्योगिकियों के बारे में प्रस्तुति दी। बागवानी विभाग, कर्नाटक के उपनिदेशकों ने विकास कार्यक्रम की जानकारी दी तथा 150 से ज्यादा कृषकों ने इस आमुख चर्चा कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोतः केन्द्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान, कासरगोड)