पशुरोग सूचना पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

19 अगस्त, 2013, बेंगलूरू

पशु रोग सूचना और जैवसांख्यिकी में अग्रिम विकास विषय पर दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 19 से 28 अगस्त, 2013 तक पशुरोग निगरानी एवं जीवितता परियोजना निदेशालय, बेंगलूरू में किया गया।

डॉ. डी.एम. दास, निदेशक, पशु पालन और पशु चिकित्सा सेवाएं, कर्नाटक ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया और रोग जीवितता, रोग संदूषण और देश में रोग नियंत्रण के महत्व को उजागर किया। डॉ. एच. रहमान, परियोजना निदेशक, पीडी -एडीएमएएस ने देश में पशुरोग नियंत्रण की रणनीति बनाने में पीडी-एडीएमएएस की महत्वपूर्ण भूमिका और रोग सूचना (इंर्फोमेटिक्स) के बारे में बताया। हमारे देश में रोग सूचना एक उभरता हुआ क्षेत्र है। डॉ. रहमान ने बताया कि क्षेत्र स्तर पर आंकड़ों का एकत्रण करके रोगों के उपचार, बचाव, नियंत्रण और पूर्वानुमान की रिपोर्ट तैयार की जाती है।

डॉ. सी. रेणुकाप्रसाद, कुलपति, कर्नाटक पशुचिकित्सा, पशु और मात्स्यिकी विज्ञान विश्वविद्यालय, बीदर इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। डॉ. रेणुकाप्रसाद ने पशुरोग सूचना के महत्व पर जोर दिया और राज्य पशु पालन विभागों, विश्वविद्यालयों और नैदानिक प्रयोगशालाओं से मिलजुलकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने पशुरोग के क्षेत्र में पीडी-एडीएमएएस की भूमिका की सराहना की। डॉ. रेणुका प्रसाद ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किये।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भा.कृ.अनु.प. संस्थानों, पशुचिकित्सा विज्ञान और मात्स्यिकी विभाग के वैज्ञानिकों, वन्य जीव विशेषज्ञों और राज्य रोग नैदानिक प्रयोगशालाओं के विशेषज्ञों ने भाग लिया। पशुरोग सूचना के विशेषज्ञों के लिए इस तरह का यह पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम था।

(स्रोत: पशुरोग निगरानी और जीवितता प्रायोजना निदेशालय, बेंगलुरू)

(हिन्दी प्रस्तुतिः एनएआईपी मास मीडिया परियोजना, डीकेएमए, आईसीएआर)