भाकृअनुप – क्रीडा में स्‍थापना दिवस समारोह

12 अप्रैल, 2016, हैदराबाद

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद द्वारा दिनांक 12 अप्रैल, 2016 को अपना 31वां स्‍थापना दिवस मनाया गया।

 ICAR-CRIDA Foundation Day Celebrated  ICAR-CRIDA Foundation Day Celebrated

स्‍थापना दिवस समारोह के मुख्‍य अतिथि डॉ. गुरबचन सिंह, अध्‍यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्‍ली ने अपने स्‍थापना दिवस व्‍याख्‍यान में बारानी शुष्‍क भूमि में खेत स्‍तर पर लाभप्रदता को बढ़ाने के लिए अनुसंधान, प्रसार और भागीदारी युक्तियों की महत्‍ता पर प्रकाश डाला और कहा कि क्रीडा द्वारा अपने  नेटवर्क केन्‍द्रों, एनआईसीआरए कार्यक्रम और देशभर में स्थित 151 जलवायु अनुकूल गांवों, जलवायु विविधता और प्रतिकूल जलवायु घटनाओं आदि के प्रति अनुकूलन की दिशा में 600 जिला स्‍तरीय कृषि आकस्मिकता योजनाओं के माध्‍यम से स्‍थान विशिष्‍ट बारानी प्रौद्योगिकियों  का विकास करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। डॉ. सिंह ने क्रीडा द्वारा जमीनी स्‍तर पर अपने कार्यक्रमों को लागू करने में विभिन्‍न राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों तथा राज्‍य बारानी मिशन के साथ समन्‍वय स्‍थापित करके कार्य करने की भी सराहना की। उन्‍होंने युवा वैज्ञानिकों और अनुसंधान कर्मियों से खेत स्‍तरीय समस्‍याओं की पहचान करने और उनका समाधान करने वाले अनुसंधान कार्यक्रमों में समर्पित कार्य  करने पर अपना ध्‍यान केन्द्रित करने का आह्वान किया।  डॉ. सिंह ने खेत लाभप्रदता को बढ़ाने के लिए समेकित कृषि प्रणाली युक्ति अपनाने पर बल दिया।

डॉ. चौ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद ने अपने स्‍वागत संबोधन में संस्‍थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और संस्‍थान की प्रगति में इसके पूर्व स्‍टॉफ के साथ साथ वर्तमान स्‍टॉफ द्वारा किए गए योगदान की प्रशंसा की। उन्‍होंने भावी योजनाओं और उन्‍हें लागू करने के लिए कार्रवाई योजना के बारे में भी संक्षिप्‍त जानकारी दी।

इस अवसर पर, दस राज्‍यों यथा तेलंगाना, आन्‍ध्र प्रदेश, महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, मध्‍य प्रदेश और ओडि़शा के 20 नवोन्‍मेषी किसानों को उत्‍पादकता और जलवायु अनुकूलनता बढ़ाने हेतु उनकी नवोन्‍मेषी कृषि रीतियों के लिए सम्‍मानित किया गया।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद)