सचिव, डेयर तथा महानिदेशक, भाकृअनुप ने किया अटारी, कानपुर का दौरा

13thमार्च, 2016, कानपुर

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने आज यहां भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्‍थान (अटारी), कानपुर का दौरा किया। डॉ. महापात्र ने प्रौद्योगिकी आकलन और अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के लिए जिला स्‍तर पर कृषि विज्ञान केन्‍द्रों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने प्रशिक्षित किसानों का प्रदत्‍त जिंस अथवा उद्यम जिसमें किसान को उद्यमशीलता प्रशिक्षण प्रदान किया गया था, की भिन्‍न मूल्‍य श्रृंखलाओं में प्रभावी सम्‍पर्क बनाने पर बल दिया।

Secretary, DARE and Director General, ICAR visited ATARI, KanpurSecretary, DARE and Director General, ICAR visited ATARI, Kanpur

महानिदेशक महोदय ने कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के प्रभावी प्रदर्शन के लिए तीन निर्देशित फ्रेमवर्क बनाने का सुझाव दिया। पहला – प्रत्‍येक कृषि विज्ञान केन्‍द्र द्वारा जिले में अपने कार्यों को कहीं अधिक रूप से सामने लाने पर फोकस करना चाहिए। इस दिशा में प्रिन्‍ट और इलैक्‍ट्रोनिक दोनों प्रकार की मास मीडिया का उपयोग किया जाए। दूसरा – संबंधित कृषि विज्ञान केन्‍द्रों द्वारा प्रत्‍येक जिले के लिए सर्वाधिक उपयुक्‍त आकी गई कम से कम पांच प्रौद्योगिकियों के प्रसार और आउट स्‍केलिंग के लिए कृषि विज्ञान केन्‍द्रों, अटारी और राज्‍य कृषि तथा सम्‍बद्ध विभागों के अध्‍यक्ष के बीच त्रिभुजाकार समझौता ज्ञापन बनाया जाना चाहिए। तीसरा – प्रत्‍येक कृषि विज्ञान केन्‍द्र अपनी गतिविधियों को चलाने के लिए संसाधनों के किसी भी बाहरी स्रोत के बारे में उत्‍तरदायी होना चाहिए।

महानिदेशक महोदय ने सुझाव दिया कि आगामी पांच वर्षों के लिए दलहन तथा तिलहन संबंधी किस्‍मों और क्षेत्र विशिष्‍ट पैकेजों के  विकास को प्राथमिकता दी जाए। उन्‍होंने कृषि विज्ञान केन्‍द्र के वैज्ञानिकों से दलहन व तिलहन की उन्‍नत किस्‍मों से अपने संबंधित जिलों को सराबोर करने का आह्वान किया ताकि देश वास्‍तविकता में दलहन क्रान्ति का साक्षी बन सके।

उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड राज्‍य के लिए कृषि विज्ञान केन्‍द्रों की वार्षिक कार्रवाई योजना (2016-17) तथा भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्‍थान (अटारी), कानपुर की वार्षिक योजना को महानिदेशक द्वारा जारी किया गया।

डॉ. जे.एस. संधू, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान), भाकृअनुप ने अपने संबोधन में कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के कार्यों में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए कहा।

डॉ. यू.एस. गौतम, निदेशक, भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्‍थान (अटारी), कानपुर ने संस्‍थान की प्रमुख उपलब्धियों के बारे में बताया।

इस अवसर पर भाकृअनुप – आईआईपीआर, कानपुर; भाकृअनुप – आईजीएफआरआई, झांसी; भाकृअनुप – आईआईवीआर, वाराणसी; भाकृअनुप – आईआईएसएस, मऊ और भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्‍थान (अटारी), जोधपुर के निदेशक उपस्थित थे।

इस अवसर पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें भाग लेने वाले कृषि विज्ञान केन्‍द्रों की प्रौद्योगिकियों/फसल किस्‍मों, मूल्‍यवर्धित उत्‍पादों, किसान मित्रवत साहित्‍य और कम लागत वाली जल को स्‍वच्‍छ करने वाली प्रणाली को प्रदर्शित किया गया।

(स्रोत : भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्‍थान (अटारी), कानपुर)