खरीफ अभियान-2016 पर राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन

11th अप्रैल, 2016, नई दिल्ली

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री राधा मोहन सिंह ने 11 अप्रैल, 2016 को खरीफ अभियान-2016 पर राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन किया।

Union Agriculture Minister Inaugurates National Conference on Agriculture - Kharif Campaign-2016Union Agriculture Minister Inaugurates National Conference on Agriculture - Kharif Campaign-2016Union Agriculture Minister Inaugurates National Conference on Agriculture - Kharif Campaign-2016

इस अवसर पर मंत्री महोदय ने अपने उद्घाटन भाषण में सूखे से प्रभावित 10 राज्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि जिला स्तरीय आपातकालीन योजनाएं किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं की मदद से किसान अपनी आजीविका सुरक्षा के साथ ही प्रभावशाली ढंग से सीमित जल संसाधन का संरक्षण एवं प्रयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों, प्रसारकर्ताओं, अधिकारियों एवं अन्य संबंधितों को सूखे से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कृषि से संबंधित सहयोगी क्षेत्रों को महत्व दिए जाने पर जोर दिया, क्योंकि ये कृषि क्षेत्र प्राकृतिक विपदा की स्थिति में किसानों की आजीविका सुरक्षा में सहायता करते हैं। इस संदर्भ में हाल ही में जारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए अत्यधिक राहत देने वाली साबित होगी। श्री सिंह ने किसान हितैषी इस बीमा योजना के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने अन्य योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मृदा स्वास्थ कार्ड और नीम लेपित यूरिया के सफल उत्पादन एवं वितरण की भी विस्तार से जानकारी दी।

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने 14 अप्रैल को जारी होने वाले अखिल भारतीय व्यापार पोर्टल ‘राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम)’ की सूचना देते हुए बाताया कि इस पोर्टल की मदद से किसानों की बेहतर आय सुनिश्चित होगी। इस पोर्टल पर किसान अपने उत्पादों को निकट के बाजारों पर ऑनलाइन दिखा सकते हैं, जिसे पूरे देश के व्यापारी बोली लगा कर खरीद सकते हैं। प्रारंभ में यह पोर्टल आठ राज्यों के 21 मंडियों के माध्यम से 23 प्रकार के कृषि उत्पादों के लिए कार्य करेगा। बाद में मार्च, 2018 तक पोर्टल की क्षमता बढ़ाकर 585 मंडियों तक करने की योजना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस सम्मेलन में खरीफ की विभिन्न फसलों व अन्य मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श किया जाएगा तथा इससे निकले निष्कर्षों को इस मौसम में बेहतर उत्पादन व लाभ प्राप्ति में उपयोग किया जाएगा।

डॉ. संजीव कुमार बालियान, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि सिंचाई के लिए गांवों विशेषकर सूखा ग्रस्त राज्यों में तालाबों का निर्माण एवं सुधार किए जाने की आवश्यकता है, जिस पर वर्तमान सरकार द्वारा विशेष जोर दिया जा रहा है। इस दिशा में सरकार प्राथमिकता दिखाते हुए धन का आबंटन कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने सूखा ग्रस्त क्षेत्रों में डेयरी के विकास पर भी बल दिया, जिससे किसान सूखे की स्थिति में अपनी आजीविका सुरक्षित कर सकें।    

Union Agriculture Minister Inaugurates National Conference on Agriculture - Kharif Campaign-2016Union Agriculture Minister Inaugurates National Conference on Agriculture - Kharif Campaign-2016Union Agriculture Minister Inaugurates National Conference on Agriculture - Kharif Campaign-2016

श्री एस. के. पटनायक, सचिव (डीएसी व एफडब्ल्यू) ने अपने संबोधन में खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से खरीफ फसलों के महत्व का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने खरीफ की फसलों की उत्पादन बढ़ोतरी के लिए हाल में उठाये गए कदमों के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी।   

श्री ए.के. अंगुराना, सचिव (डीएएडी व एफ) ने अपने संबोधन में किसानों की सतत आय को सुनिश्चित करने में पशुधन की महत्ता पर बल दिया।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर व महानिदेशक, भाकृअनुप ने अपने संबोधन में परिषद एवं इसके संस्थानों व केवीके द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं खरीफ अभियान की विस्तृत चर्चा की।   

इस दो-दिवसीय (11-12 अप्रैल, 2016) सम्मेलन का आयोजन कृषि, सहकारिता और किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ की फसलों के बेहतर उत्पादन से संबंधित रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न विभागों, डेयर/आईसीएआर, विभिन्न राज्यों के कृषि, बागवानी, पशु चिकित्सा विभागों तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा वैज्ञानिक इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।।

(स्रोतः भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय, नई दिल्ली)