भाकृअनुप द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’ की शुरूआत

24th सितम्बर, 2014,नई दिल्ली

मााननीय प्रधान मंत्री के आह्वान पर भाकृअनुप तथा इसके देशव्यापी नेटवर्क में 25 सितम्बर, 2014 से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ लागू किया जायेगा। इसकी अवधारणा महात्मा गांधी के इस विचार पर आधारित है कि ‘स्वतंत्रता से अधिक महत्पूर्ण है स्वच्छता।’

भाकृअनुप ने देश भर में फैले अपने 99 संस्थानों और गांवों में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले 639 कृषि विज्ञान केन्द्रों के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। तुरन्त कार्यवाही के लिए निम्न मुख्य कार्यकलापों की पहचान की गयी हैः

  • 2 अक्टूबर, 2014 को आयोजित किये जाने वाले विशेष कार्यक्रमों में कर्मचारी ‘स्वच्छता शपथ’ ग्रहण करेंगे। कर्मचारी प्रति वर्ष 100 घंटे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के लिए कार्य करने की शपथ लेंगे।
  • सभी संस्थान न केवल अपने परिसर बल्कि आस-पास के क्षेत्र में भी स्वच्छता सुधार की पहल करेंगे।
  • ग्रामीण वातावरण में स्वच्छता के लिए अनुसंधान संस्थान तथा कृषि विज्ञान केन्द्र फसल अवशेषों के उचित उपयोग के प्रबंध पर अधिक ध्यान देंगे।
  • पशु आवास, मुर्गी बाड़े और आस-पास के क्षेत्र को और अधिक साफ-सुथरा बनाया जायेगा ताकि संदूषण और रोगों से बचा जा सके।
  • भाकृअनुप संस्थानों की आवासीय कॉलोनियों में स्वच्छता की दशा की समीक्षा कर सुधार के लिए सतत् प्रयास किये जायेंगे।
  • कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा कृषक संपर्क कार्यक्रमों में स्वच्छता की आवश्यकता के महत्व को अनिवार्य रूप से शामिल किया जायेगा।
  • भाकृअनुप संस्थानों में आयोजित ‘कृषक दिवस’ और ‘खेत दिवस’ आदि कार्यक्रमों में स्वच्छता के लिए जागरूकता अभियान, प्रतियोगिताएं आदि आयोजित की जायेंगी ताकि स्वच्छता के संदेश का प्रसार हो।
  • भाकृअनुप संस्थानों की वेबसाइट और फेसबुक पेज पर ‘स्वच्छ भारत अभियान’ संबंधी संदेश प्रकाशित किये जायेंगे।

डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर और महानिदेशक, भाकृअनुप ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि इस अभियान से स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को बल और प्रेरणा मिलेगी, जिससे संस्थानों के प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव आयेगा।