माननीय राष्ट्रपति द्वारा प्राकृतिक रेशों पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन

1st अगस्त, 2014, कोलकाता

President of India Inaugurated International Conference on Natural Fibres भारत के माननीय राश्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने प्राकृतिक रेशों पर आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया. वर्तमान राष्ट्रीय और वैश्विक व्यवसाय के परिदृश्य में उन्होंने जूट के रेशों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा,कि पर्यावरण के प्रति बढ़ती वैश्विक चिंता और जैविक रूप से अपघटित होने वाले प्राकृतिक रेशों से तैयार उत्पादों के प्रति बढ़ते उपभोक्ताओं के रूझान ने जूट के अधिकाधिक उपयोग के नये अवसरों का सृजन किया है। जूट की इस क्षमता के भरपूर उपयोग हेतु अधिक निवेश, प्रौद्योगिकीय उन्नयन, बाजार में ऐसे उत्पादों को प्रोत्साहन और सरकार द्वारा इस संबंध में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जायें।

श्री मुखर्जी ने जूट की नई भूमिका एवं उपयोगों पर संतोष जताते हुए कहा कि जियो टैक्सटाइल एवं कम्पोजिट सहित मशीनी वस्त्रोद्योग जैसे क्षेत्रों में जूट ने अच्छी पैठ जमा ली है। इसके अलावा निर्माण कार्यों में जियो टैक्सटाईल ने अपनी गुणवत्ता के कारण जियो तकनीकी समस्याओं से उभरी चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी गुणवत्ता दर्शायी है।

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श्री केसरी नाथ त्रिपाठी, माननीय राज्यपाल, पश्चिम बंगाल और श्री फिरहाद हाकिम, प्रभारी मंत्री, टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग एंड शहरी विकास एवं नगर एवं राष्ट्रीय नियोजन व म्यूनिसिपल मामले, पश्चिम बंगाल भी इस अवसर पर मौजूद थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल की आर्थिक व्यवस्था के संदर्भ में जूट एवं संबद्ध रेशों पर अपने विचार प्रकट किये।

इससे पूर्व डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर और महानिदेशक, भाकृअनुप ने गणमान्यों का स्वागत किया और वैश्विक महत्व के रूप में उभरती रेशेदार फसल, जूट पर अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के महत्व के विषय में जानकारी दी।

डॉ. सुब्रत गुप्ता, जूट आयुक्त, कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार, कोलकाता; श्री राघबेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष, इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन, कोलकाता और डॉ. देबाशीश नाग, निदेशक, एनआईआरजेएएफटी एवं अध्यक्ष, द इंडियन नेचुरल फाइबर सोसायटी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

तीन दिवसीय इस संगोष्ठी का आयोजन इंडियन नेचुरल फाइबर सोसायटी एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च ऑन जूट एंड एलाइड फाइबर टैक्नोलॉजी (एनआईआरजेएएफटी), कोलकाता; सेन्ट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर जूट एंड एलाइड फाइबर (सीआरआईजेएएफ), बैरकपुर और नेशनल जूट बोर्ड (एनजेबी), कोलकाता के सहयोग से किया गया।

भारत एवं विदेशों से बड़ी संख्या में गणमान्यों, वैज्ञानिकों और केन्द्रीय एवं राज्य सरकार तथा संबंधित संगठनों के अधिकारियों ने इस संगोष्ठी में भाग लिया।

डॉ. डी. नाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

(स्रोतः नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च ऑफ जूट एंड एलाइड फाइबर्स, कोलकाता)