श्री शरद पवार द्वारा रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी की स्थापना की घोषणा

पूसा कृषि विज्ञान मेला-2014 का उद्घाटन

26 फरवरी 2014, नई दिल्ली

Pusa Krishi Vigyan Mela-2014

Pusa Krishi Vigyan Mela- 2014श्री शरद पवार, केन्द्रीय कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मेला मैदान पर पूसा कृषि विज्ञान मेला-2014 का उद्घाटन करते हुए रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना घोषणा की। इसका मुख्यालय झांसी में होगा।.

मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन भाषण देते हुए श्री पवार ने बताया कि संसद ने झांसी में रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना घोषणा की है। बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि के विकास पर इसका विशेष ध्यान रहेगा। 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत इसके लिए 467 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। श्री पवार ने किसानों को लाभ बढ़ाने और सतत् कृषि के लिए जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों के प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि किसान जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों को सीखकर खेतों में प्रयोग करेंगे।

Pusa Krishi Vigyan Mela- 2014श्री प्रदीप जैन 'आदित्य', केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कृषि की प्रगति से ही ग्रामीण स्तर पर विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बुंदेलखंड में कृषि के विकास के लिए केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा के लिए श्री शरद पवार की सरहना करते हुए आशा व्यक्त की कि इसके माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों को लाभ पहुंचेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। उन्होंने श्री पवार को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।

Pusa Krishi Vigyan Mela- 2014श्री आनन्द सिंह, कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड में केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसकी स्थापना में प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

Pusa Krishi Vigyan Mela- 2014डॉ. एस. अय्यप्पन, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भा.कृ.अनु.प. ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने भारतीय कृषि क्षेत्र के विकास और इसे सफलता के शिखर तक पहुंचाने में श्री पवार के नेतृत्व के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

गणमान्यों ने स्मारिका और आईएआरआई के प्रकाशनों का विमोचन भी किया।

इस दौरान श्री अरविन्द कौशल, अपर सचिव, डेयर एवं सचिव भा.कृ.अनु.प.; डॉ. के.डी. कोकाटे, उपमहानिदेशक, कृषि विस्तार, भा.कृ.अनु.प.; डॉ. एस.के. दत्ता, उपमहानिदेशक, फसल विज्ञान, भा.कृ.अनु.प.; डॉ. अरविन्द कुमार, उपमहानिदेशक, शिक्षा, भा.कृ.अनु.प.; और डॉ. जे.एस. सामरा, सीईओ, राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण भी उपस्थित रहे।

इससे पूर्व डॉ. हरि शंकर गुप्ता, निदेशक, आईएआरआई ने अतिथियों एवं गणमान्यों का स्वागत किया। उन्होंने पूसा कृषि विज्ञान मेला की विशेषताएं और मेले की थीम 'सतत् कृषि के लिए जलवायु अनुकूल तकनीकें' के बारे में जानकारी दी।

मेले में कृषि ज्ञान प्रबंध निदेशालय (डीकेएमए) की ओर से आईसीएआर के ज्ञान आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

तीन दिवसीय (26-28 फरवरी, 2014) इस मेले में देश के विभिन्न प्रदेशों से आए किसान, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएं और प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। आईएआरआई सन् 1972 से प्रति वर्ष यह मेला आयोजित करता आ रहा है जिसमें एक लाख से अधिक किसान शामिल होते हैं।

डॉ. के. विजयराघवन, संयुक्त निदेशक (विस्तार), आईएआरआई ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

(स्रोतः एनएआईपी मास मीडिया प्रोजेक्ट, डीकेएमए, आईसीएआर)