प्राकृतिक कृषि एवं गाय आधारित अर्थव्‍यवस्‍था पर कार्यशाला

12 – 13 दिसम्‍बर, 2015, लखनऊ

डॉ. संजीव कुमार बालियान, माननीय कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्य मंत्री द्वारा दिनांक 12 दिसम्‍बर, 2015 को प्राकृतिक कृषि तथा गाय आधारित अर्थव्‍यवस्‍था पर उन्‍नत भारत अभियान की राष्‍ट्रीय कार्यशाला  का उद्घाटन किया। इस कार्यशाला का आयोजन भाकृअनुप – भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ ने किया था।

Workshop on Natural Farming and Cow-based Economy Workshop on Natural Farming and Cow-based Economy

अपने उद्घाटन सम्‍बोधन  में डॉ. बालियान ने व्‍यावहारिक और प्राकृतिक खेती-बाड़ी को  कहीं अधिक उन्‍मुख बनाते हुए वर्तमान कृषि शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने की जरूरत पर बल दिया ताकि छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के उपरांत कृषि उद्यमी बन सके।

डॉ. एन.एस. राठौर, उपमहानिदेशक (कृषि शिक्षा), भाकृअनुप ने अपनी  अध्‍यक्षीय टिप्‍पणी में कहा कि कृषि, पशुपालन तथा वानिकी से संबंधित कार्यक्रमों को लागू करने के लिए उन्‍नत भारत अभियान के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एक नोडल एजेन्‍सी है। परिषद द्वारा सभी पांच संघटकों यथा एस – कौशल, एच – स्‍वास्‍थ्‍य, ए – कृषि, पी – उत्‍पाद और ई – ऊर्जा (SHAPE) पर अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कनेरी मठ, कोल्‍हापुर, महाराष्‍ट्र के संत श्री कनिसिद्धेश्‍वर जी महाराज ने स्‍मार्ट गांव बनाने पर जोर दिया और महाराष्‍ट्र में उनके द्वारा शेल्‍किबाड़ी गांव में लागू किए गए आदर्श ग्राम मॉडल को प्रस्‍तुत किया।

समापन समारोह के मुख्‍य अतिथि एवं गोरखपुर के माननीय सांसद श्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा  कि आत्‍मनिर्भरता को केवल आत्‍म योग्‍यता से हासिल किया जा सकता है और यह देसी रूप में आनी चाहिए।

समारोह की  विशिष्‍ट अतिथि और शांहजहांपुर (उत्‍तर प्रदेश) की माननीया  सांसद श्रीमती कृष्‍णा राज ने प्राकृतिक कृषि और गौ पालन  को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

इससे पहले डॉ. ए.डी. पाठक, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ ने अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्‍वागत करते हुए कार्यशाला के उद्देश्‍यों की संक्षिप्‍त जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्‍न विषयों जैसे कि प्राकृतिक कृषि; जल की बचत करने वाली कृषि प्रणालियों; वानिकी; गौ सुधार; डेरी विकास; गाय आधारित उत्‍पाद; बायोगैस तथा स्‍वरोजगार विषय पर तकनीकी  सत्र आयोजित किए गए जिनमें भाग लेने वाले प्रतिनिधियों ने 40 से भी अधिक प्रस्‍तुतीकरण दिए।

इस कार्यशाला में आईआईटी, दिल्‍ली के प्राध्‍यापकों, भाकृअनुप – भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ के वैज्ञानिकों, गैर सरकारी संगठन – लोक भारती के अधिकारियों और सदस्‍यों तथा देश के विभिन्‍न राज्‍यों के 250 से भी अधिक प्रगतिशील और प्रयोग करने वाले किसानों ने भाग लिया।

डॉ. ए.के. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी, प्रसार एवं प्रशिक्षण, भाकृअनुप – भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ ने धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया।

(स्रोत : भाकृअनुप – भारतीय गन्‍ना अनुसंधान संस्‍थान, लखनऊ)