अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना की XVवीं कार्य समूह बैठक

27 दिसम्‍बर, 2015, बिश्‍वनाथ चैरियाली, असोम

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान , हैदराबाद की अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना (AICRPDA) की 25वीं कार्य समूह बैठक का आयोजन दिनांक 24-27 दिसम्‍बर, 2015 को एआईसीआरपीडीए केन्‍द्र, बिश्‍वनाथ चैरियाली, असोम में किया गया।

XV Working Group Meeting of AICRPDA XV Working Group Meeting of AICRPDA

डॉ. के.एम. बुजरबरूआ, कुलपति, असम कृषि विश्‍वविद्यालय ने अपने अध्‍यक्षीय संबोधन में अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना नेटवर्क के तहत अनुसंधान उपलब्धियों की तथा साथ ही बारानी क्षेत्रों में मुमकिन बारानी प्रौद्योगिकियों की अप-स्‍केलिंग में परियोजना के प्रभाव की सराहना की।  उन्‍होंने विशेषकर जलवायु विविधता के बढ़ते प्रभावों को देखते हुए बारानी कृषि में उभरते मुद्दों से जुड़े विभिन्‍न विषयी क्षेत्रों में नीति संक्षेप जारी करने का सुझाव दिया ।  

डॉ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद ने कहा कि अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना में विकसित प्रौद्योगिकियों का समेकन शुष्‍कभूमि कृषि प्रणाली मिशन, टिकाऊ कृषि पर राष्‍ट्रीय मिशन जैसे विभिन्‍न राज्‍य व राष्‍ट्रीय कार्यक्रमों में किया गया है और यथार्थ समय के आधार पर आकस्मिकता योजनाओं को लागू किया जा रहा है।

डॉ. जी. रविन्‍द्रा चैरी, परियोजना समन्‍वयक (शुष्‍कभूमि अनुसंधान) ने इस बैठक के प्रयोजन के बारे में संक्षेप में बताया।

डॉ. हजारिका, अनुसंधान निदेशक, असम कृषि विश्‍वविद्यालय ने बारानी कृषि अनुसंधान के बारे में जानकारी दी और विश्‍वविद्यालय में विभिन्‍न अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं की प्रगति पर प्रकाश डाला।

अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना – निक्रा तथा अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना – टीएसपी द्वारा अंगीकृत किए गए गांवों सहित प्रमुख जिलों के सात किसानों को सर्वश्रेष्‍ठ शुष्‍कभूमि किसान पुरस्‍कार दिए गए।

इस अवसर पर अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना केन्‍द्रों तथा पीसी इकाई, अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना के 22 प्रकाशनों को जारी किया गया।

इस कार्यक्रम में भाकृअनुप मुख्‍यालय, परिषद संस्‍थानों तथा राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालय के वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भाग लिया।

डॉ. पी.के. सरमा, मुख्‍य वैज्ञानिक, अखिल भारतीय समन्वित शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान परियोजना  केन्‍द्र, बिश्‍वनाथ चैरियाली ने धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍क भूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद)