जय किसान – जय विज्ञान सप्‍ताह समारोह

23 – 29 दिसम्‍बर, 2015, मुम्‍बई

Celebration of Jai Kisan Jai Vigyan Week भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्‍थान, मुम्‍बई द्वारा अपने मुम्‍बई स्थित मुख्‍यालय और चार क्षेत्रीय केन्‍द्रों नामत: कोलकाता, रोहतक, काकीनाडा और पवारखेड़ा में जय किसान  – जय विज्ञान सप्‍ताह के अवसर पर अनेक गतिविधियां चलाई गईं। इसके तहत किसानों, मात्स्यिकी अधिकारियों, छात्रों और वैज्ञानिकों के बीच पारस्‍परिक विचार-विमर्श का आयोजन किया गया। कोलकाता केन्‍द्र पर, किसानों से मत्स्य फार्म पर आपसी बातचीत की गई और बाली द्वीप तथा सुन्‍दरवन जैसे दूर-दराज स्थित स्‍थानों में किसानों के तालाबों में चारा आधारित मीठाजल झींगा और कार्प बहु संवर्धन पर प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए गए। संस्‍थान के रोहतक केन्‍द्र पर, वैज्ञानिक – किसान पारस्‍परिक वार्ता के दौरान किसानों को अंतर्स्‍थलीय लवणीय जलजीव पालन में नवीनतम प्रौद्योगिकीय प्रगति से अवगत कराया गया। काकीनाडा केन्‍द्र में किसानों की समस्‍याओं का समाधान करने के साथ साथ, उन्‍हें केन्‍द्र में चल रहीं जलजीव पालन गतिविधियों को दिखाया गया। इसके साथ ही किसानों को जलाशयों और टैंक आधारित जलजीव पालन में सामुदायिक आधारित जलजीव पालन, और पिंजरा पालन की अवधारणाओं को दिखाया गया। पवारखेड़ा केन्‍द्र में भी किसान बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केन्‍द्र में प्रशिक्षण प्राप्‍त कर रहे बिहार के 20 किसानों ने भी भाग लिया । इस बैठक में किसानों को आधुनिक कृषि प्रणाली तकनीकों, कार्प एवं झींगा हेचेरी के प्रबंधन पर व्‍याख्‍यान  और प्रस्‍तुतीकरण दिया। मुम्‍बई स्थित मुख्‍यालय में छात्रों के लिए प्रश्‍नोत्‍तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिनमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डॉ. गोपाल कृष्‍ण, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्‍थान, मुम्‍बई ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्‍कार प्रदान किए। निदेशक महोदय ने सामान्‍यत: समाज की बेहतरी तथा विशेषकर किसान समुदाय की बेहतरी के लिए सामाजिक तथा नैतिक विज्ञान के पहलुओं की क्षमता का उपयोग करने पर बल दिया।

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय उपोष्‍ण बागवानी संस्‍थान, रहमानखेड़ा, लखनऊ

 Jai Kisan Jai Vigyan week (23-29 December, 2015) organised at CISH, Lucknow Jai Kisan Jai Vigyan week (23-29 December, 2015) organised at CISH, Lucknow

इस अवधि में किसानों के सशक्तिकरण के लिए पांच गतिविधियां चलाईं गईं : 1) नवोन्‍मेषी किसान बैठक; 2) किसानों की सफलता गाथाओं पर चर्चा तथा चुनिन्‍दा प्रगतिशील किसानों का सम्‍मान; 3) राष्‍ट्रीय कार्यशाला और सेमिनार में संरक्षित कृषि क्रियाओं का प्रदर्शन;  4) संस्‍थान के प्रौद्योगिकी पार्क में किसानों का दौरा आयोजित करना; तथा 5) किसान गोष्‍ठी का आयोजन करना।

डॉ. एस.आर. सिंह, पूर्व कुलपति, राजेन्‍द्र कृषि विश्‍वविद्यालय, समस्‍तीपुर, बिहार इस कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्‍व. चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर मुख्‍य अतिथि द्वारा प्रगतिशील किसानों को सम्‍मानित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्‍न भागों यथा महाराष्‍ट्र, आन्‍ध्रप्रदेश, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश से कुल उन्‍नीस नवोन्‍मेषी किसानों ने भाग लिया।

डॉ. एस. राजन, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय उपोष्‍ण बागवानी संस्‍थान ने फलों तथा सब्जियों में स्‍वस्‍थ और रोगमुक्‍त रोपण सामग्री के उत्‍पादन की आवश्‍यकता बताई। साथ ही उन्‍होंने मेरा गांव – मेरा गौरव कार्यक्रम के तहत अंगीकृत किए गए गांवों के पंचायत भवन में   किसान पुस्‍तकालय के रूप में ‘कृषि ज्ञान एटीएम’ की स्‍थापना करने के लिए कहा। गोष्‍ठी के दौरान भाकृअनुप – केन्‍द्रीय उपोष्‍ण बागवानी संस्‍थान की प्रौद्योगिकियों को भी प्रदर्शित किया गया। एक प्रगतिशील किसान श्री राम किशोर ने धन्‍यवाद ज्ञापन प्रस्‍तुत किया। संस्‍थान द्वारा आयोजित जय किसान – जय विज्ञान सप्‍ताह में कुल 350 किसानों ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्‍थान, मुम्‍बई एवं भाकृअनुप – केन्‍द्रीय उपोष्‍ण बागवानी संस्‍थान, लखनऊ)