विश्‍व में पहली बार अपनी तरह की कम इरूसिक अम्‍ल (<2%) मात्रा वाली भारतीय सरसों किस्‍म का विकास

नई दिल्‍ली, 12 जनवरी, 2016

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा उन्‍नत फसल किस्‍मों के विकास को आगे बढ़ाया जा रहा है और अभी हाल ही में विभिन्‍न फसलों की  पोषणिक गुणवत्‍ता विशेषताओं में सुधार लाने पर विशेष बल दिया गया है।  भाकृअनुप – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, नई दिल्‍ली ने पूसा मस्‍टर्ड – 30 (पीएम-30) के नाम से कम इरूसिक अम्‍ल वाली भारतीय सरसों की एक किस्‍म विकसित की  है।

Launch of Low (<2%) Erucic Acid Indian Mustard Edible Oil –Launch of Low (<2%) Erucic Acid Indian Mustard Edible Oil –Launch of Low (<2%) Erucic Acid Indian Mustard Edible Oil –

इस किस्‍म में इरूसिक अम्‍ल की बहुत कम (

सामान्‍य सरसों किस्‍मों में इरूसिक अम्‍ल की मात्रा 40 प्रतिशत से अधिक पाई जाती है और भाकृअनुप – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, नई दिल्‍ली के वैज्ञानिकों की टीम ने पारम्‍परिक प्रजनन विधियों का उपयोग करते हुए

दो अन्‍य अनिवार्य वसा अम्‍ल यथा लिनोलिक तथा लिनोलेनिक अम्‍ल जिनका संश्‍लेषण मानव शरीर द्वारा नहीं किया जाता इसलिए इनकी अनुपूर्ति  केवल आहार के माध्‍यम से की जाती है,  भी इस किस्‍म में अति संतुलित अनुपात में मौजूद हैं। इस नई किस्‍म में तेल की मात्रा 38 प्रतिशत और वसा अम्‍लों का संयोजन इस प्रकार है :

इरूसिक अम्‍ल :

इस किस्‍म की पहले से ही व्‍यावसायिक खेती की जा रही है और इसका लाइसेंस सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड के तहत मैसर्स अर्पण सीड्स प्रा.लि., राजस्‍थान को दिया गया है। भाकृअनुप – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, नई दिल्‍ली द्वारा एक नया खाद्य तेल ब्राण्‍ड नाम विकसित करने की निगरानी की जा रही  है जो कि भारत सरकार की  ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत एक अति अनिवार्य घटक है।

किसानों के खेतों पर इस किस्‍म की व्‍यापक स्‍तर पर व्‍यावसायिक खेती को दक्षिण एशिया जैव प्रौद्योगिकी केन्‍द्र द्वारा सहयोग किया गया है। उन्‍नत तेल गुणवत्‍ता के साथ देसी स्‍तर पर विकसित स्‍वस्‍थ मूल्‍य उत्‍पाद को पीपीपी मोड में प्रारंभ करने का भाकृअनुप – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान का यह अपनी तरह का पहला प्रयास है।

(स्रोत : anil [dot] cproatgmail [dot] com ())