भाकृअनुप – आईआईएनआरजी, रांची में किसान मेला व प्रदर्शनी

10 फरवरी, 2016, रांची

भाकृअनुप – भारतीय प्राकृतिक रॉल एवं गोंद संस्‍थान, रांची द्वारा आज यहां वार्षिक किसान मेला व प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

झारखण्‍ड सरकार के माननीय कृषि मंत्री श्री रनधीर कुमार सिंह ने इस मेले का उद्घाटन करते हुए किसान समुदाय को मजबूत बनाने की सरकार की रणनीतियों के बारे में संक्षेप में बताया। श्री सिंह ने कहा कि जमीनी स्‍तर पर योजना तैयार करने से न केवल डेयरी, सूअर, भेड़-बकरी एवं मात्स्यिकी विकास में मदद मिलेगी वरन् इससे राज्‍य में जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्‍होंने दृढ़तापूर्वक कहा  कि लाख की वैज्ञानिक खेती के लिए किसानों के बीच जागरूकता उत्‍पन्‍न करने के संस्‍थान के प्रयासों के अच्‍छे परिणाम मिल रहे हैं। श्री सिंह ने संस्‍थान के योगदान की सराहना की और इस बात पर बल दिया कि संस्‍थान को राज्‍य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मंत्री महोदय ने लाख  की खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों को लाख उत्‍पादन में उनके उल्‍लेखनीय योगदान के लिए सम्‍मानित किया।

ICAR-IINRG, Ranchi Organizes Kisan Mela-cum-ExhibitionICAR-IINRG, Ranchi Organizes Kisan Mela-cum-Exhibition

श्री राम टहल चौधरी, माननीय सांसद, रांची, झारखण्‍ड तथा डॉ. जॉर्ज जॉन, कुलपति, बिरसा कृषि विश्‍वविद्यालय, रांची कार्यक्रम के विशिष्‍ट अतिथि थे।

श्री राम टहल चौधरी ने कहा कि लघु स्‍तरीय उद्योग ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था को बढ़ावा देने में कहीं अधिक उपयोगी  साबित हो सकते हैं और जरूरत आधारित बुनियादी सुविधा विकास के लिए सभी ग्रामीण समुदायों को योजना बनाओ अभियान (ग्राम पंचायत विकास योजना) में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए।

डॉ. जॉन ने अपने सम्‍बोधन में समय की जरूरत के अनुसार वैकल्पिक लाख परपोषी पौधे के लिए विशेष अनुसंधान करने पर बल दिया । उन्‍होंने कहा कि लाख उत्‍पादकों को प्रोत्‍साहित करने के लिए पहले तथा बाद में बाजार सहयोग देना एक अनिवार्य गतिविधि है। बेहतर मूल्‍य पाने के लिए  प्राइमरी स्‍तर की प्रसंस्‍करण इकाइयां मददगार हो सकती हैं।

डॉ. के.के. शर्मा, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय प्राकृतिक रॉल एवं गोंद संस्‍थान, रांची ने अपने स्‍वागत भाषण में लाख किसानों के कल्‍याण के लिए संस्‍थान की अनुसंधान उपलब्धियों, गतिविधियों तथा विभिन्‍न कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने घोषणा की कि संस्‍थान को आईएसओ -9001-2008 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है।

इस अवसर पर किसानों को लाख की विभिन्‍न उत्‍पादन प्रौद्योगिकियों, लाख की खेती के लिए प्रारंभ किए गए नए लाख परपोषी पौधे तथा नाशीजीव प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर एक किसान गोष्‍ठी भी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम में 800 से भी अधिक किसानों, भाकृअनुप के स्‍थानीय संस्‍थानों के वैज्ञानिकों और अन्‍य हितधारकों ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – भारतीय प्राकृतिक रॉल एवं गोंद संस्‍थान, रांची)