‘मृदा एवं मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फलीदार सब्जियां’’ विषय पर राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी

12-14 फरवरी, 2016, वाराणसी

अंतर्राष्‍ट्रीय दलहन वर्ष – 2016 के उपलक्ष्‍य में भाकृअनुप – भारतीय सब्‍जी अनुसंधान संस्‍थान (IIVR), वाराणसी में दिनांक 12 – 14 फरवरी, 2016 को ‘’मृदा एवं मानव स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फलीदार सब्जियां’’ विषय पर तीन दिवसीय राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी का आयोजन किया गया।

National Symposium on National Symposium on

डॉ. एन.के. कृष्‍ण कुमार, उपमहानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप ने संगोष्‍ठी का उद्घाटन करते हुए फलीदार सब्जियों के अनुसंधान में सम्‍यक दृष्टिकोण अपनाये जाने की जरूरत पर बल दिया। उन्‍होंने फलीदार फसलों में फली छिद्रक और सफेद मक्‍खी की समस्‍या पर चिन्‍ता जताई और वायरस की प्रतिरोधी किस्‍मों को विकसित करने पर जोर दिया।

डॉ. बिजेन्‍द्र सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय सब्‍जी अनुसंधान संस्‍थान, वाराणसी ने देश में फलीदार सब्जियों की स्थिति और साथ ही पोषणिक सुरक्षा और मृदा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए इनकी महत्‍ता पर प्रकाश डाला।

डॉ. एन.पी. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय दलहन अनुसंधान संस्‍थान, कानपुर ने कहा कि चूंकि फलीदार सब्जियों की प्रति व्‍यक्ति उपलब्‍धता केवल 37 ग्राम प्रतिदिन है, इसलिए प्रोटीन की आवश्‍यकता को पूरा करने में 54 ग्राम प्रतिदिन तक इसके उत्‍पादन में वृद्धि करने की नितांत आवश्‍यकता है।

इस संगोष्‍ठी में भाकृअनुप के संस्‍थानों, राज्‍य कृषि विश्‍वविद्यालयों, राज्‍य विभागों तथा गैर सरकारी संगठनों सहित लगभग 250 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – भारतीय सब्‍जी अनुसंधान संस्‍थान, वाराणसी)