भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान का स्‍थापना दिवस समारोह

16 फरवरी, 2016, भोपाल

भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान,  भोपाल ने दिनांक 15-16 फरवरी, 2016 को दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करके अपना 41वां स्‍थापना दिवस मनाया।

Foundation Day of ICAR-CIAE CelebratedFoundation Day of ICAR-CIAE Celebrated

श्री राजीव चौधरी, निदेशक, कृषि अभियांत्रिकी, मध्‍य प्रदेश सरकार, भोपाल दिनांक 15 फरवरी, 2016 को आयोजित किसान दिवस के मुख्‍य अतिथि थे। इस अवसर पर बोलते हुए श्री चौधरी ने कृषि मशीनीकरण में किसानों और उद्यमियों के योगदान की सराहना की जिसके कारण मध्‍य प्रदेश को चौथी बार कृषि कर्मण पुरस्‍कार मिला है।

डॉ. के.के. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान,  भोपाल ने कृषि में मशीनीकरण को बढ़ाने में किसानों और उद्यमियों के प्रयासों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए उन्‍हें भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान के पूरे सहयोग का आश्‍वासन दिया।

डॉ. ए.के. पात्रा, निदेशक, भाकृअनुप – भारतीय मृदा विज्ञान संस्‍थान,  भोपाल ने खेत उत्‍पादन बढ़ाने में मिट्टी की जांच की आवश्‍यकता पर प्रकाश डाला।

डॉ. वी.पी. सिंह, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय उच्‍च सुरक्षा पशु रोग संस्‍थान, भोपाल ने कृषि विकास में पशु पालन की भूमिका के बारे में बताया। उन्‍होंने इस बात की ओर भी संकेत किया कि भारत में पशु पालन से संबंधित अनेक क्षेत्रों में अभियांत्रिकी हस्‍तक्षेप करने की जरूरत है।

इस कार्यक्रम में  मध्‍य प्रदेश के विभिन्‍न भागों से लगभग 400 किसानों ने भाग लिया। सात किसान इनोवेटर्स तथा भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान,  भोपाल से प्रशिक्षण पाकर कस्‍टम हायरिंग केन्‍द्र चलाने वाले सात सफल कृषि व्‍यवसाय उद्यमियों को कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने में उनके उल्‍लेखनीय योगदान के लिए सम्‍मानित किया गया।

दिनांक 16 फरवरी, 2016 को संस्‍थान स्‍थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित जनों को सम्‍बोधित करते हुए भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान,  भोपाल के निदेशक डॉ. के.के. सिंह ने संस्‍थान को वर्तमान स्‍वरूप में लाने के लिए स्‍टाफ द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और आशा जताई कि भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान,  भोपाल की प्रगति दिन दूनी रात चौगुनी होगी।

इस अवसर पर संस्‍थान के पूर्व निदेशक, वैज्ञानिक और स्‍टाफ सदस्‍य उपस्थित थे।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्‍थान,  भोपाल)