सीफा में राष्ट्रीय मछुआरा दिवस

10 जुलाई, 2016, कौशल्यगंगा

भाकृअनुप- केन्द्रीय ताजा जलजीव पालन संस्थान (सीफा) द्वारा 10 जुलाई, 2016 को 16 वां राष्ट्रीय मछुआरा दिवस मनाया गया। यह दिवस वैज्ञानिक डॉ. के.एच. अलिकुन्ही और डॉ. एच.एल. चौधरी के स्मरण में मनाया जाता है, जिनके द्वारा वर्ष 1957 में प्रेरित प्रजनन प्रौद्योगिकी का विकास किया गया था।

प्रो. सुरेन्द्रनाथ पशुपालक, कुलपति, उड़िसा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में भाकृअनुप- सीफा की अनुसंधान सफलताओं की प्रशंसा की तथा ओडिशा के जलाशयों में मछली पालन की केज कल्चर (पिंजरे में मछली पालन) विधि को बढ़ावा देने की बात कही।

National Fish Farmers' Day at ICAR-CIFANational Fish Farmers' Day at ICAR-CIFA

डॉ. ए.के. नायक, निदेशक, भाकृअनुप- एनआरआरआई ने सम्मानित अतिथि के तौर पर एकीकृत कृषि प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, भाकृअनुप- सीफा ने कहा कि उन वैज्ञानिकों का आविष्कार ऐतिहासिक है जिसके आधार पर आज मछलियों के गीरे का हैचरी उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कृषि विकास की दिशा में कार्यरत सभी हितधारकों को एक साथ मिलकर कार्य करने का आग्रह किया, जिससे वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जा सके।

इस कार्यक्रम में राज्य के लगभग 80 किसानों ने भाग लिया।

ताजा जलजीव पालन के विकास की दिशा में कार्य करने वाले देश के विभिन्न हिस्सों से आए 13 किसानों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया।

रेशम उत्पादन के क्षेत्र की समस्याओं से निपटने के लिए एक वैज्ञानिक-किसान संवाद सत्र का आयोजन किया गया।

डॉ. बी.के. दास, प्रधान वैज्ञानिक, मत्स्य स्वास्थ्य एवं प्रबंधन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

(स्रोतः भाकृअनुप- सीफा, भुबनेश्वर)