भाकृअनुप-केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मुंबई में समीक्षा बैठक

4 जुलाई, 2016, मुंबई

महाराष्ट्र स्थित भाकृअनुप के अनुसंधान संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के निष्पादन से संबंधित समीक्षा बैठक का आयोजन 4 जुलाई, 2016 को भाकृअनुप- केन्द्रीय मत्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मंबई में किया गया।

Review Meeting organized at ICAR-Central Institute of Fisheries Education, MumbaiReview Meeting organized at ICAR-Central Institute of Fisheries Education, Mumbai

श्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने अपने संबोधन में महाराष्ट्र में स्थित कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के समन्वय और खेत तक विस्तार पर जोर दिया। उनका मानना था कि वर्ष में दो बार होने वाली इस प्रकार की बैठक करके अग्रिम पंक्ति विस्तार विभाग को आद्यतन तकनीक हस्तांतरण में सहयोग मिलेगा। श्री सिंह ने राज्य में किसानों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने वाले संस्थान के रूप में केवीके के पुनर्उद्धार एवं नए दिशा निर्देश दिए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने भारत सरकार की 'गोकुल ग्राम' योजना की अवधारणा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागी संस्थानों द्वारा तकनीक विकास एवं हस्तांतरण की प्रशंसा की

मंत्री महोदय द्वारा भाकृअनुप-सीआईएफई, मुंबई के मत्स्य रूधिर विज्ञान पर तकनीकी नियमावली, केवीके बारामती द्वारा मधुमक्खी पालन पर पुस्तक, केवीके, सोलापुर द्वारा देसी गाय की नस्लों पर एक तकनीकी बुलेटिन, केवीके, धुले द्वारा अनार पर एक फ़ोल्डर जारी किया गया।

श्री छबिलेन्द्र राउल, अपर सचिव, डेयर एवं सचिव, भाकृअनुप ने समूचे कृषि के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने पर जोर दिया।

डॉ. जे.के. जेना, उपमहानिदेशक (मात्स्यिकी), भाकृअनुप ने राज्य में मात्स्यिकी क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. गोपाल कृष्ण, निदेशक (कार्यवाहक), भाकृअनुप- सीआईएफई, मुंबई ने संस्थान की ताजा गतिविधियों व उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी।

श्री विजय देशमुख, मात्स्यिकी राज्य मंत्री, महाराष्ट्र, श्री राम शिन्दे, कृषि एवं बागवानी राज्य मंत्री, महाराष्ट्र, श्री विजय कुमार, आईएएस, प्रधान सचिव, मात्स्यिकी, महाराष्ट्र, श्री भगवान सहाय, आईएएस, प्रधान कृषि सचभाकृअनुप- केन्द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई, भाकृअनुप- केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर, भाकृअनु- प्याज एवं लहसुन अनुसंधान निदेशालय, पुणे, भाकृअनुप- पुष्पोत्पादन अनुसंधान निदेशालय, पुणे तथा निदेशक अटारी, भाकृअनुप- राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान केन्द्र, भाकृअनुप- राष्ट्रीय अनार अनुसंधान केन्द्र, एमएफएसयू नागपुर, एमपीकेवी राहुरी और केवीके ने बैठक में भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप- केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मुंबई)