भाकृअनुप- आईआईएससी, पारिस्थितिकी कार्यदल और उत्तराखंड वन पंचायत विकास समिति के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

16 जून, 2016, देहरादून

मध्य हिमालय के जौनसार आदिवासी क्षेत्र (लखवाड़), उत्तराखंड में वृक्ष रोपण तकनीक के विकास और अनुसंधान परियोजना क्रियान्वयन के उद्देश्य से भाकृअनुप- भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईआईएससी) देहरादून, 127 पारिस्थितिकी कार्य दल और उत्तराखंड वन पंचायत विकास समिति ने एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य वर्षाधारित परिस्थितियों में वृक्षों की संख्या बढ़ाने और मृदा की कार्यप्रणाली में सुधार करना भी है।

MoU signed between IISWC, Eco-Task Force and Uttarakhand Van Panchayat Vikas Samiti MoU signed between IISWC, Eco-Task Force and Uttarakhand Van Panchayat Vikas Samiti

डॉ. पी.के. मिश्रा, निदेशक, आईआईएसडब्ल्यू, कर्नल एच.आर.एस. राणा, सीओ, 127 पारिस्थितिकी कार्यदल और श्री नारायण सिंह तोमर, अध्यक्ष, उत्तराखंड वन पंचायत विकास समिति ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

डॉ. मिश्रा ने मृदा एवं जल संरक्षण में वन पेड़ों की भूमिका के बारे में जानकारी दी तथा झरनों के सूखने और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर प्रकाश डाला।

कर्नल राणा ने कहा कि नई वृक्षरोपण तकनीक के विकास से उत्तराखंड के वन क्षेत्र को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

श्री तोमर ने वन, पशु और मानव के बीच प्राकृतिक संबंध के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि यह संबंध पहाड़ी क्षेत्रों में सूखे झरनों के कायाकल्प में उपयोगी होगा। उन्होंने वन प्रबंधन के लिए महिला सशक्तिकरण पर बल दिया।

वैज्ञानिकों और संस्थान के अधिकारियों के साथ ही 127 पारिस्थितिकी कार्य दल ने इस बैठक में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप - भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, देहरादून)