महानिदेशक, भाक़अनुप ने उद्यमशीलता विकास के महत्‍व पर बल दिया

14 मई, 2016, गुवाहटी, असम

DG, ICAR emphasised on importance of entrepreneurship developmentडॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने आज यहां भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय सूकर अनुसंधान केन्‍द्र, गुवाहाटी का दौरा किया। भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय सूकर अनुसंधान केन्‍द्र, गुवाहाटी; भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र; भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय मिथुन अनुसंधान केन्‍द्र; तथा सीपीसीआरआई के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के स्‍टेशन के वैज्ञानिकों के साथ आपसी बातचीत करते हुए  सूअरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उद्यमशीलता विकास के महत्‍ता पर बल दिया। महानिदेशक महोदय ने वैज्ञानिकों से किसानों के खेतों में गुणवत्‍ता जननद्रव्‍य उपलब्‍ध कराने की दिशा में कृत्रिम निषेचन से भी आगे देखने के लिए कहा। उन्‍होंने वैज्ञानिकों को सूअर पालन के विकास हेतु कार्य करने, सरकार के मेरा गांव – मेरा गौरव कार्यक्रम को मजबूती प्रदान करने और गांवों को अंगीकृत करने तथा संस्‍थान की विजीबिलिटी बढ़ाने के लिए कार्य करने हेतु प्रोत्‍साहित किया।

श्री एस.के. सिंह, अपर सचिव एवं वित्‍तीय सलाहकार ने संस्‍थान द्वारा फंड की उपयोगिता और राजस्‍व सृजन करने के लिए सराहना करते हुए पूरे वित्‍त वर्ष के दौरान व्‍यय का विस्‍तार करने पर जोर दिया।

इससे पूर्व, डा. दिलीप शर्मा, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय सूकर अनुसंधान केन्‍द्र, गुवाहाटी ने संस्‍थान की प्रमुख उपलब्धियों पर संक्षिप्‍त प्रस्‍तुतीकरण दिया।

(स्रोत : भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय सूकर अनुसंधान केन्‍द्र, गुवाहाटी)