महानिदेशक, भाकृअनुप ने कपास की व्‍यावहारिक एवं टिकाऊ प्रौद्योगिकियां विकसित करने पर बल दिया

6 मई, 2016, मुम्‍बई

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने आज यहां भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्‍थान, मुम्‍बई का दौरा किया। संस्‍थान के वैज्ञानिकों और स्‍टाफ के साथ बातचीत करते हुए महानिदेशक महोदय ने कहा कि संस्‍थान  को कपास और अन्‍य प्राकृतिक रेशा के एक उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र के रूप में उभरना चाहिए। संस्‍थान द्वारा ऐसी प्रौद्योगिकियों के विकास पर अपने अनुसंधान प्रयासों को केन्द्रित किया जाए जो कि किफायती और टिकाऊ हों तथा साथ ही संस्‍थान द्वारा आशाजनक और व्‍यावहारिक स्‍टार्ट अप विकसित करने के लिए स्‍नातकों को इन्‍क्‍यूबेशन सुविधा भी प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि संस्‍थान को स्‍वयं द्वारा विकसित एवं लाइसेंस दी गईं तथा हितधारकों तक पहुंची अपनी प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन का स्‍वयं आकलन करना चाहिए । इसके अलावा उच्‍च उद्धरण सूचकांक वाले अनुसंधान प्रकाशनों पर ध्‍यान केन्द्रित करना चाहिए।

DG, ICAR Emphasized to develop feasible and sustainable Cotton Technologies DG, ICAR Emphasized to develop feasible and sustainable Cotton Technologies

महानिदेशक महोदय ने नैनो सेलुलोज उत्‍पन्‍न करने वाले नैनो सेलुलोज पायलट संयंत्र तथा संस्‍थान के प्रदर्शनी केन्‍द्र का भी दौरा किया और संस्‍थान के दो प्रकाशनों को जारी किया।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्‍थान, मुम्‍बई)