अरूणाचल प्रदेश की पांगचेन घाटी के खानाबदोशी चरवाहों का सम्‍मान

15 नवम्‍बर, 2015, दिरांग, अरूणाचल प्रदेश

श्री जैम्‍बी ताशी, माननीय विधायक, लुम्‍ला एवं संसदीय सचिव (आरडब्‍ल्‍यूडी), अरूणाचल प्रदेश सरकार ने आज यहां 190 माउन्‍टेन बिग्रेड, भारतीय थल सेना तथा अरूणाचल प्रदेश सरकार के साथ मिलकर भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र, दिरांग द्वारा लिम्‍पो  व जिला तवांग के  जनरल ग्राउंड जेमीथांग में  आयोजित यॉक मेला - 2015 का उद्घाटन किया।

Nomadic herdsmen of Pangchen Valley of Arunachal Pradesh felicitated Nomadic herdsmen of Pangchen Valley of Arunachal Pradesh felicitated

उपस्थित जनों को सम्‍बोधित करते हुए श्री ताशी ने कहा कि अरूणाचल प्रदेश के तवांग जिले में पांगचेन इलाके के लोगों की  आजीविका के सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण साधनों में से एक यॉक है। श्री ताशी ने यॉक की वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियों को बढ़ावा देने और उन पर जागरूकता उत्‍पन्‍न करने के लिए भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र, दिरांग की सराहना की। साथ ही इन्‍होंने इस बात की ओर संकेत किया कि यॉक पालन के लिए अंत: प्रजनन अवसाद एक प्रमुख समस्‍या है और वैज्ञानिकों से अंत: प्रजनन की समस्‍या में कमी लाने के लिए उपाय खोजने की अपील की। श्री ताशी ने यॉक पालकों से अनुरोध किया कि वे यॉक पालन को एक लाभप्रद उद्यम बनाने के लिए वैज्ञानिक युक्तियों को अपनाएं।

डॉ. अभिजीत मित्रा, निदेशक भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय मिथुन  अनुसंधान केन्‍द्र ने अपने सम्‍बोधन में यॉक का पालन करने वाले समुदाय से यॉक पालन को टिकाऊ बनाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया। डॉ. मित्रा ने इस बात पर बल दिया कि यॉक तथा मिथुन अरूणाचल प्रदेश की पशुधन उत्‍पादन प्रणाली के अभिन्‍न अंग हैं और इन्‍हें बढ़ावा देने की जरूरत है।

वैज्ञानिक यॉक पालन पद्धतियों को अपनाने हेतु यॉक पालक समुदाय को प्रोत्‍साहित करने के लिए लिम्‍पो में एक पशुधन प्रतियोगिता और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

पांगचेन घाटी के विभिन्‍न गांवों से इस मेले में 300 यॉक पालकों सहित 500 से भी अधिक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र, दिरांग ने 100 किसानों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करके सम्‍मानित किया।

इस अवसर पर, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र, दिरांग ने  अपने  विकसित उत्‍पादों व प्रौद्योगिकियों पर एक वृहद प्रदर्शनी लगाई  ताकि तवांग जिले के युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जा सके।

डॉ. एस.एम. देब, निदेशक, भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र, दिरांग ने तवांग जिले में वैज्ञानिक यॉक पालन पद्धतियों को बढ़ावा देने के यॉक मेले के उद्देश्‍यों पर प्रकाश डाला।

(स्रोत : भाकृअनुप – राष्‍ट्रीय यॉक अनुसंधान केन्‍द्र, दिरांग, अरूणाचल प्रदेश )