कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्रों में द्वीप कार्यशाला

18 नवम्‍बर, 2015,पोर्ट ब्‍लेयर, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह]

Island Workshop on Agriculture and Allied Sectors भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्‍ली द्वारा भाकृअनुप – कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्‍थान (अटारी), बेंगलुरू के सहयोग से भाकृअनुप – केन्‍द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान (CIARI), पोर्ट ब्‍लेयर में द्वीप क्षेत्र के कृषि जलवायु जोन के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

डॉ. टी. जानकीराम, सहायक महानिदेशक (बागवानी विज्ञान), भाकृअनुप तथा कार्यशाला के अध्‍यक्ष ने अंडमान में तेलताड के लिए क्षेत्रफल विस्‍तार करने की आवश्‍यकता बताई और क्षेत्र में कृषि के सम्‍यक विकास के लिए किसान अनुकूल कार्यक्रम प्रारंभ करने पर बल दिया। इन्‍होंने कहा कि इको – टूरिज्‍म, मूल्‍य वर्धन/पुष्‍पविज्ञान, देसी फर्न एवं वनस्‍पतिपौधों को महत्‍व दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, अन्‍य प्रासंगिक संस्‍थानों के साथ सम्‍पर्क को बढ़ाने से संस्‍थान को मजबूती मिलेगी। अपनी समापन टिप्‍पणी में, डॉ. जानकीराम ने भाकृअनुप – केन्‍द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान को द्वीपीय कृषि के लिए मानद विश्‍वविद्यालय बनाने का विचार रखा।

इस अवसर पर द्वीप इको-प्रणाली के लिए मौसम आधारित कृषि पद्धतियों पर एक तकनीकी बुलेटिन को भी जारी किया गया।

श्रीमती आर. मेनका, आईएएस, सचिव, कृषि/पशुपालन/ मात्स्यिकी, अंडमान व निकोबार प्रशासन ने कृषि, पशुपालन तथा मात्स्यिकी क्षेत्रों के लिए अपनाई जाने वाली विकास रणनीतियों पर बल दिया। इन्‍होंने आत्‍मनिर्भरता, रोगमुक्‍त स्थिति, राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार, प्रशिक्षित मानवशक्ति, दुग्‍ध उत्‍पादों में मूल्‍य वर्धन के लिए प्रौद्योगिकियों की आवश्‍यकता बताई। इसके अलावा, श्रीमती मेनका ने अंडमान व निकोबार प्रशासन द्वारा शुरू किए गए मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड, दुग्‍ध उत्‍पादन तथा अंतर्स्‍थलीय मात्स्यिकी में वृद्धि करना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के बारे में विस्‍तृत जानकारी दी।

डॉ. एस. डैम रॉय, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, पोर्ट ब्‍लेयर ने बताया कि इस कार्यशाला का प्रयोजन द्वीपों के अंडमान व निकोबार तथा लक्षद्वीप समूहों को शामिल करके द्वीपीय क्षेत्र में कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्रों के विकास हेतु रणनीतियों का विकास करना है। इससे खाद्य, पोषण, आजीविका तथा पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए क्षेत्र में कृषि एवं सम्‍बद्ध क्षेत्रों के टिकाऊ विकास की दिशा में प्रौद्योगिकीय समर्थन प्रदान करने में रणनीतियां और रोडमैप तैयार करने में मदद मिलेगी।

डॉ. एस. दीक्षित, निदेशक, भाकृअनुप – अटारी, बेंगलुरू ने कार्यक्रम की सराहना की और द्वीपीय इको क्षेत्र के लिए रणनीतियों को तैयार करने के लिए प्रयोजन, लक्ष्‍य, समीक्षा कार्यसूची और आधारभूत नियमों के बारे में बताया।

कार्यशाला में भाकृअनुप संस्‍थानों के निदेशकों, राज्‍य कृषि, पशुविज्ञान तथा पशु चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालयों तथा क्षेत्र के कृषि विज्ञान केन्‍द्रों के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया और किसानों की विशिष्‍ट समस्‍याओं का समाधान प्रदान करने में अपने विचार प्रकट किए।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय द्वीपीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान (CIARI), पोर्ट ब्‍लेयर)