कृषि मौसम विज्ञान पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना की बैठक

19 नवम्‍बर, 2015, भुबनेश्वर

Working Group Meeting of AICRP on Agrometeorology  कृषि मौसमविज्ञान पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के कार्यदल की वार्षिक बैठक का आयोजन ओडि़शा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय, भुबनेश्वर में दिनांक 17 – 19 नवम्‍बर, 2015 को किया गया।

प्रो. एम.के. खान, कुलपति (प्रभारी), ओडि़शा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्‍वविद्यालय, भुबनेश्वर ने बैठक की अध्‍यक्षता की।

डॉ. चौ. श्रीनिवास राव, निदेशक, भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍कभूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद एवं कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में इस परियोजना द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने जलवायु परिवर्तन की पृष्‍ठभूमि में फसल उत्‍पादक क्षेत्रों का पुन: वर्गीकरण करने की जरूरत बताई। उन्‍होंने कहा कि खेत विशिष्‍ट कृषि मौसम परामर्श सेवाएं अंतिम समाधान होगा जिसकी अपेक्षा समूह से की जाती है। साथ ही उन्‍होंने कार्यदल से मौसम आधारित फसल बीमा उत्‍पादों पर कार्य करने का अनुरोध किया जिससे प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी किसानों को आय सुरक्षा मिल सकेगी।

डॉ. वी.यू.एम. राव, परियोजना समन्‍वयक ने कृषि मौसमविज्ञान पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना ने वर्ष 2014-15 के दौरान की गई प्रगतिको प्रस्‍तुत किया और आगामी पंचवर्षीय समीक्षा दल (2011-15) के लिए परियोजना की तैयारी पर प्रकाश डाला।

संबंधित केन्‍द्रों की प्रमुख फसलों पर चार कृषि जलवायु एटलस और ‘फसलों के कृषि मौसमविज्ञान’ पर 12 तकनीकी बुलेटिनों को उद्घाटन सत्र में जारी किया गया।

बैठक में सात तकनीकी सत्र आयोजित किए गए जिनमें सहयोगी केन्‍द्रों ने पांच विषयों के तहत अपने अनुसंधान की प्रगतिरिपोर्ट को प्रस्‍तुत किया।

(स्रोत : भाकृअनुप – केन्‍द्रीय शुष्‍कभूमि कृषि अनुसंधान संस्‍थान, हैदराबाद)