दूसरी हरित क्रांति की संचालन समिति की बैठक

27 जून, 2016, पटना

पूर्वी क्षेत्र के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पटना में 27 जून, 2016 को दूसरी हरित क्रांति की संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई।

Steering Committee Meeting of Second Green Revolution Steering Committee Meeting of Second Green Revolution

श्री राधा मोहन सिंह, माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि पूर्वी राज्यों में विविध कृषि गतिविधियों के बीच समन्वय और समानता पर जोर दिया जा रहा है। पूर्वी क्षेत्र देश के कुल चावल उत्पादन में 50%, सब्जियों के उत्पादन में 45% तथा मछली उत्पादन में 38% का सहयोग कर रहे हैं। इस प्रकार से इस क्षेत्र में देश के सम्पूर्ण कृषि विकास के लिए दूध, मांस, दालें, दलहन आदि के भरपूर उत्पादन की भरपूर संभावनाएं हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि मौसम अनुकूल तकनीकों का विकास करें और साथ ही इसे लोकप्रिय बनाने का भी प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि एकीकृत कृषि प्रणाली के माध्यम से जलभराव वाले क्षेत्रों में पुनर्वास की जरूरत है।

मंत्री महोदय ने संस्थान में द्वितीय हरित क्रांति सेल की स्थापना की।

डॉ. जीत सिंह संधू, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) ने अपने संबोधन में कहा कि दूसरी हरित क्रांति के लिए सतत दृष्टिकोण द्वारा कृषि से संबंधित उद्योगों जैसे, बागवानी, मात्स्यिकी, पशुधन, कुक्कुट पालन इत्यादि पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही इस प्रकार के हस्तक्षेप क्षेत्र विशेष के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने बीज और संबंधित मुद्दों पर भी पर्याप्त ध्यान देने की बात कही।

डॉ. बी.पी. भट्ट, निदेशक, आईसीएआर - आरसीईआर, पटना ने इस बात पर जोर दिया कि द्वितीय हरित क्रांति से जुडी संचालन समिति विभिन्न नीतियों, विकास, शोधपरक बिन्दुओं एवं राज्य के कृषि विकास से जुड़े विषयों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित योजनाओं पर चर्चा करेगी।

भाकृअनुप के शासी निकाय के सदस्य, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, पूर्वी क्षेत्र में भाकृअनुप के संस्थानों के निदेशकगण, सीजीएआईआर संस्थानों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ राजकीय अधिकारी, वैज्ञानिक एवं पूर्वी क्षेत्र के किसान प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया।

(स्रोतः पूर्वी क्षेत्रों के लिए भाकृअनुप अनुसंधान परिसर, पटना)