मत्स्य पालन में मूल्य श्रृंखला के निर्माण पर जोर

15 जून 2016, कोलकाता

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने 15 जून, 2016 को भाकृअनुप - सीआईएफई केंद्र, कोलकाता का दौरा किया। उन्होंने अपने संबोधन में मत्स्य पालन के क्षेत्र में मूल्य श्रृंखला की रचना तथा सरलीकरण और संबंधित क्षेत्रों के हितधारकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रौद्योगिकी के वितरण के लिए नोडल संस्थान के रूप में भाकृअनुप - सीआईएफई की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

Creation of Value Chains in Fisheries Emphasized Creation of Value Chains in Fisheries Emphasized

महानिदेशक महोदय ने पेसिफिक सफेद झींगा और लिटोपेन्यूअस वानामेई के पालन संबंधी ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने भाकृअनुप-सीआईएफई, कोलकाता परिसर में मछली गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने केंद्र द्वारा विकसित सीआईएफई-डीओ (घुलित ऑक्सीजन टेस्ट किट) भी जारी किया।

डॉ. जे.के. जेना, उपमहानिदेशक (मात्स्यिकी) ने अपने संबोधन में अनुसंधान केन्द्र द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।

डॉ. गोपाल कृष्ण, निदेशक व कुलपति ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और संस्थान की हाल की उपलब्धियों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

डॉ. बी. महापात्र, प्रधान वैज्ञानिक और प्रभारी, भाकृअनुप-सीआईएफई, कोलकाता ने केंद्र की गतिविधियों पर संक्षिप्त जानकारी दी।

डॉ. एम. कृष्णन, प्रमुख, सामाजिक विज्ञान प्रभाग ने भाकृअनुप-सीआईएफई, मुंबई ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

(स्रोत: भाकृअनुप - केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मुंबई)