भाकृअनुस- असम का स्थापना प्रस्ताव पारित

17 जून, खानापाड़ा, असम

IARI, Assam to be established at Baihata Chariali at Kamrup Districtकेन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री राधा मोहन सिंह की अध्यक्षता में 17 जून, 2016 को असम कृषि विश्वविद्यालय, खानापाड़ा के परिसर में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीएयू के कुलपति, निदेशकगण, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक, भाकृअनुप के संस्थानों तथा एएयू और राज्य सरकार के अधिकारियों ने भाग लिया।

संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में पिछले एक वर्ष में तीन नए कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थानों (अटारी) की स्थापना की गयी है। इसके साथ ही तीन नए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बक्सा, मोरीगांव और बोंगाईगांव जिलों में और एक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला "ईएन-जियो कंसल्टेंसी एंड रिसर्च सेंटर" अंबारी, गुवाहाटी, असम में पिछले दो वर्षों के दौरान स्थापित किए गए। मंत्री महोदय ने कहा कि जलवायु अनुरूप कृषि के संबंध में असम के 22 जिलों के लिए जिला आकस्मिक योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया गया है।

मंत्री महोदय ने कहा कि "कामरूप" नामक एक नई कुक्कुट नस्ल का विकास किया गया है और जिसे पिछले साल जारी भी किया गया है। श्री सिंह ने कहा कि कामरूप जिले में बोरमूला, बामूनी गांव, बैहाटा चारीआली में प्रस्तावित भाकृअनुस – असम की स्थापना शीघ्र की जाएगी। मंत्री महोदय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एएयू और असम में स्थित भाकृअनुप के संस्थानों द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को किसानों के खेत तक पहुंचाया जा चुका है, जिनकी सहायता से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों तक प्रभावी ढंग से प्रौद्योगिकी पंहुचाने के उद्देश्य से भाकृअनुप के वैज्ञानिकों और राज्य सरकार के अधिकारियों की त्रैमासिक बैठक और आपसी समन्वय पर बल दिया।

श्री अतुल बोरा, कृषि एवं पशु चिकित्सा मंत्री, असम और डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोत: भाकृअनुप – राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्द्र, रानी, गुवाहाटी)