ग्रामीण विकास-2013 के लिए आईसीएआर- आईआईआरआर और सीएसआईआर-सीसीएमबी को संयुक्त रूप से एस एंड टी नवोन्मेष पुरस्कार

26 सितंबर 2016, नई दिल्ली

ICAR-IIRR and CSIR-CCMB jointly Awarded S&T Innovations for Rural Development-2013भाकृअनुप – भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआईआरआर), हैदराबाद और सीएसआईआर – कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केन्द्र, हैदराबाद को संयुक्त रूप से सीएसआईआर पुरस्कार “ ग्रामीण विकास के लिए एस एंड टी नवोन्मेष ” प्रदान किया गया। इसके साथ ही सीएसआईआर का प्लैटिनम जुबली स्थापना दिवस विज्ञान भवन, नई दिल्ली में मनाया गया।

डॉ. हर्ष वर्धन, केन्द्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री ; श्री वाई.एस. चौधरी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री; डॉ. गिरीश साहनी, महानिदेशक, सीएसआईआर एवं सचिव (डीएसआईआर) द्वारा डॉ. राकेश मिश्रा, निदेशक, सीएसआईआर- सीसीएमबी और डॉ. वी. रविन्द्र बाबू, निदेशक, आईसीएआर- आईआईआरआर को पुरस्कार प्रदान किया गया। इन्होंने अपने-अपने संस्थानों के प्रतिनिधि के तौर पर पुरस्कार ग्रहण किया।

डॉ. रमेश वी. सोनती और डॉ. आर.एम. सुन्दरम क्रमशः सीएसआईआर – सीसीएमबी और आईसीएआर – आईआईआरआर के टीम लीडर थे।

यह पुरस्कार उच्च उपज, बेहतर दाने , बैक्टीरियल ब्लाइट प्रतिरोधी क्षमता वाली विकसित सांबा मसूरी किस्म को विकसित करने और प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए दिया गया। इसकी खेती आध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे ब्लाइट रोग महामारी वाले राज्यों में लगभग 90,000 हैक्टर क्षेत्रफल में की जा रही है।

इस पुरस्कार के तहत 10 लाख रुपये नकद, एक पट्टिका और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए।

(स्रोत: भाकृअनुप - भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद)