हरियाणा के जिंद में ‘कपास दिवस’ समारोह

17 सितंबर, 2016, जिंद, हरियाणा

भाकृअनुप – राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र, नई दिल्ली और कृषि विभाग, हरियाणा द्वारा संयुक्त रूप से निदाली गांव, जिंद, हरियाणा में समन्वित नाशजीवी विधियों को अपनाने हेतु प्रचार के लिए किसान सभा का आयोजन किया गया।

“Cotton Day” at Jind, Haryana“Cotton Day” at Jind, Haryana“Cotton Day” at Jind, Haryana

डॉ. जीत सिंह संधू, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान), आईसीएआर सभा के मुख्य अतिथि थे। डॉ. संधू ने किसानों के साथ कपास के खेतों में बातचीत की तथा कपास में कीट निगरानी के महत्व, जैव- कीटनाशक के उत्पादन और प्रयोग के लिए किसानों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने किसानों के उत्पादन लागत घटाने एवं आय बढ़ाने के लिए आईपीएम विधियों को प्रोत्साहित एवं प्रासंगिक करने हेतु इस दिशा में वैज्ञानिकों से कार्य करने हेतु आह्वान किया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एनसीआईपीएम के साथ इस क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों को भी दूसरे कपास पैदा करने वाले क्षेत्रों में आईपीएम विधियों को प्रचलित करने का प्रयास करना चाहिए।

डॉ. डी.बी. अहुजा, निदेशक, आईसीएआर – एनसीआईपीएम द्वारा निदानी गांव के किसानों की कीट प्रबंधन में इनके प्राकृतिक शत्रु कीटों की भूमिका के बारे में जागरूकता के लिए प्रशंसा की गई। उन्होंने कपास में सुरक्षित व आवश्यकता आधारित कीटनाशकों के प्रयोग के विषय में आसपास के गांवों में किसान जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

जिंद जिले के 5 गांवों से 200 किसानों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप – राष्ट्रीय समन्वित नाशीजीव प्रबंधन केन्द्र, नई दिल्ली)