राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय का तीसरा स्थापना दिवस समारोह

जोधपुर, 14 सितंबर 2016

डॉ. त्रिलोचन महापात्र (सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप) राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के तीसरे स्थापना दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में पश्चिमी राजस्थान की बड़ी समस्या जल गुणवत्ता हेतु किसानों की समस्याओं को नवोन्मेषी अनुसंधान और विस्तार कार्यक्रमों द्वारा सुलझाने पर चर्चा की। उन्होंने राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलराज सिंह को परिषद की तरफ से आश्वस्त किया कि इस क्षेत्र की प्रमुख फसलों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना केन्द्रों की स्थापना में सहयोग देने के साथ ही छात्रावास आदि जैसे बुनियादी ढांचे के विकास में भी मदद प्रदान की जाएगी।

3 rd Foundation Day of Agriculture University of Rajasthan3 rd Foundation Day of Agriculture University of Rajasthan

श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (सांसद, लोकसभा) ने अपने संबोधन में भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया और इजरायल का उदाहरण देते हुए वर्षा जल संचयन के लिए तकनीक विकास की प्रशंसा की। श्री शेखावत ने विशेष रूप से बागवानी फसलों की कटाई उपरांत प्रबंधन के साथ ही मूल्य संवर्धन की आवश्यकता पर अधिक जोर दिया।

श्री राम नारायण डूडी (सांसद, राज्यसभा) ने अपने संबोधन में इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के समुचित संरक्षण के साथ नई किस्मों के विकास के लिए मारवाड़ क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया। श्री डूडी मथनिया मिर्च का एक उदाहरण देते हुए किस्मों के विकास या उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षेत्र में इस किस्म के पुनरुद्धार के लिए वैज्ञानिकों का आह्वान किया।

डॉ. महापात्र ने अन्य अतिथियों के साथ-साथ कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान खेत का दौरा किया और उच्च उत्पादक फसल किस्मों जैसे - बाजरा (पेनिसेटम ग्लॉकम), तिल (सिसमम इंडिकम), सेम (विग्ना एकॉनिटिफॉलिया) क्लस्टर बीन (कायमोप्सिस टेट्रागोनोलोबा) इत्यादि के विकास का अवलोकन किया।

(सौजन्य: अंग्रेजी सम्पादकीय यूनिट)