सीफाब्रूडटीएम और रोहू की विकसित किस्म ‘जयंती’ पर कार्यशाला एवं प्रदर्शन

4 अगस्त 2016, तंजावुर, तमिलनाडु

Awareness workshop on Successful Demonstration of improved rohu Jayanti and CIFABROODTM  भाकृअनुप- ताजा जलजीव पालन संस्थान (सीफा), भुबनेश्वर और तमिलनाडु मत्स्य विश्वविद्यालय (टीएनएफयू) द्वारा संयुक्त रूप से सीफाब्रूडटीएम तथा रोहू मछली की विकसित किस्म ‘जयंती’ के गुणवत्तापूर्ण जीरे के उत्पादन एवं तकनीक हस्तांतरण से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम थेरूमेनी एरी, तंजावुर, तमिलनाडु में प्रगतिशील किसानों के लिए उनके खेतों में आयोजित किया गया था।  

प्रो. रत्नाकुमार, कुलपति (कार्यवाहक), टीएनएफयू ने राज्य में मत्स्य पालन तकनीक के प्रसार के लिए भाकृअनुप और विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयासों की प्रशंसा की।

प्रो. कार्ल माक्स, डीन, बेसिक विज्ञान संकाय, टीएनएफयू ने अपने संबोधन में योजनाओं की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी। 

डॉ. पी. जयशंकर, निदेशक, भाकृअनुप- सीफा ने मत्स्य पालकों को सहयोग देने के लिए आश्वस्त किया एवं कहा कि इसके तहत ‘अरविंद फिश फार्म’ पर एक एक्वा फील्ड स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को मछली पालन की वैज्ञानिक विधियों को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रो. पी. नटराजन, अन्बो विश्वविद्यालय, इथोपिया ने मात्स्यिकी एवं जलजीव पालन के क्षेत्र में कौशल विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

विकसित रोहू एवं ब्रूडस्टॉक खुराक के लाभार्थी किसान श्री. एस. रविचंद्रन एवं श्री पूगालेंधी ने तकनीकों के प्रयोग के लाभ के बारे में बताया।

लगभग 100 किसानों, विभागीय तथा बैंक के अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप- केन्द्रीय ताजा जलजीव पालन संस्थान, भुबनेश्वर)