भारत में कृषि रसायन अनुसंधान एवं शिक्षण: मूल्यांकन एवं भविष्य

15 नवम्बर, 2016, नई दिल्ली

‘भारत में कृषि रसायन अनुसंधान एवं शिक्षण: मूल्यांकन एवं भविष्य के लिए रोडमैप’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 15-17 नवम्बर, 2016 को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कीटनाशक विज्ञान सोसाइटी, भारत एवं कृषि रसायन संभाग, भाकृअनुप- भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त प्रयास से किया गया।

Agrochemicals Research and Education in India: Appraisal and Roadmap for futureAgrochemicals Research and Education in India: Appraisal and Roadmap for future

श्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने अपने अध्यक्षीय भाषण में पर्यावरण के अनुकूल तथा मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित फसल सुरक्षा उत्पादों की दिशा में अनुसंधान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री अनंत कुमार, केन्द्रीय रसायन एवं ऊर्वरक मंत्री ने इस अवसर पर अपने उद्घाटन संबोधन में वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे पर्यावरण के अनुकूल कीटनाशक तथा जैविक कीटनाशकों पर कार्य करें। इसके साथ ही उन्होंने अपने मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर नीम लेपित यूरिया को अनुशंसित किये जाने से जुड़े प्रयासों की चर्चा की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री महोदय द्वारा डॉ. सी. देवकुमार, पूर्व, सहायक महानिदेशक, भाकृअनुप, डॉ. बी. एस. परमार, पूर्व संयुक्त निदेशक, आईसीएआर – आईएआरआई तथा प्रो. आर.बी. सिंह, कुलपति, सीएयू, इंफाल को नीम तेल लेपित यूरिया के विकास में योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया।

गोष्ठी का आयोजन आईसीएआर- आईएआरआई, नई दिल्ली के कृषि रसायन संभाग की स्वर्ण जयंती मनाने के उपलक्ष्य में किया गया जिसकी स्थापना 14 नवम्बर, 1966 की हुई थी।

तीन दिवसीय संगोष्ठी के सात तकनीकी सत्रों में उद्योग तथा शिक्षा जगत के विभिन्न गणमान्यों ने भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)