असम के मुख्यमंत्री द्वारा शूकर एक्सपो-2016 का उद्घाटन

28 -29 नवम्बर, 2016, गुवाहाटी

श्री सर्बानन्दसोनोवाल, मुख्यमंत्री, असम द्वारा भाकृअनुप- राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्द्र द्वारा आयोजित शूकर एक्सपो - 2016 का उद्घाटन आज किया गया।

असम के मुख्यमंत्री द्वारा शूकर एक्सपो-2016 का उद्घाटनअसम के मुख्यमंत्री द्वारा शूकर एक्सपो-2016 का उद्घाटन

श्री सोनवाल ने अपने संबोधन में भाकृअनुप द्वारा पशुपालन के क्षेत्र में विशेष रूप से असम में नयी शरुआतों पर संतुष्टि व्यक्त की तथा विभिन्न उन्नत किस्मों के शूकर विकसित करने तथा कृत्रिम गर्भाधान आदि जैसे प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए भाकृअनुप- राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्द्र की सराहना की। उन्होंने आग्रह किया कि शूकर पालन क्षेत्र को वैश्विक मानदंड़ों के हिसाब से विकसित किया जाय ताकि इसे क्षेत्र के युवाओं की आजीविका के तौर पर एक उद्यम के रूप में विकसित किया जा सके।

 असम के मुख्यमंत्री द्वारा शूकर एक्सपो-2016 का उद्घाटनअसम के मुख्यमंत्री द्वारा शूकर एक्सपो-2016 का उद्घाटन

इस अवसर पर उन्होंने शूकर एक्सपो - 2016 के लिए तैयार एक कम्पेन्डियम (सार संग्रह) को जारी किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री महोदय ने मैमर्स इंडियन इम्यूनोलॉजिक्स लिमिटेड तथा जीएवीएल मेड, यूके एंड यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया द्वारा तैयार सिस्टिसिरकोसिस (फीताकर्मी का लार्वा रूप में संक्रमण) को रोकने वाली ‘सिसवैक्स’ नामक एक वैक्सीन को भी जारी किया तथा एक प्रदर्शन का भी उद्घाटन किया।

श्री अतुल बोरा, कृषि मंत्री, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन तथा पशुचिकित्सा, असम, श्री नाबा कुमार दोले, संस्कृति मंत्री, असम, श्री रमेन्द्र नारायण कलिटा तथा बिमल बोरा, विधायक, असम, श्री राम मुईवाह, सचिव, एनईसी, मंत्री, डोनेर, भारत सरकार, डॉ. के.एम. बुजरबरूआ, कुलपति, असम कृषि विश्वविद्यालय विशेष अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए।

डॉ. एच, रहमान, उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान), भाकृअनुप, नई दिल्ली ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की तथा देश में पशुधन को सहयोग देने के लिए शूकर उत्पादन को बढ़ावा देने में भाकृअनुप के कार्यकलापों पर चर्चा की। उन्होंने किसानों से भाकृअनुप – राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्द्र द्वारा विकसित विभिन्न प्रौद्योगिकियों तथा क्षेत्र में शूकर उत्पादन बढ़ाने के लिए सलाह संबंधी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आग्रह किया।

डॉ. दिलीप कुमार सरमा, निदेशक, भाकृअनुप – राष्ट्रीय शूकर अनुसंधान केन्द्र ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

पूरे देश तथा विशष रूप से उत्तर-पर्वी राज्यों से आये एक हजार से भी अधिक किसानों, अनुसंधानकर्ताओं, अध्येताओं, विकास एजेंसियों, उद्यमियों, प्रसंस्करणकर्ताओं, ग्राहकों तथा अन्य शूकर क्षेत्र के हितधारकों ने इस मेले में भाग लिया।

दो दिवसीय शूकर मेले में मूल्य श्रृंखला से संबंधित विभिन्न हितधरकों के मण्डल के लिए एक मंच प्रदान किया गया था। इस तरह शूकर मूल्य श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के बीच नेटवर्क की स्थापना का भी प्रयास किया गया था।

भाकृअनुप संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों तथा निजी संस्थानों ने प्रदर्शनी में भाग लिया।

(स्रोतः पशु विज्ञान संभाग, भाकृअनुप)