कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल का 43वां स्थापना दिवस समारोह

3 नवम्बर, 2016, करनाल

कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल (एएसआरबी), नई दिल्ली का 43वां स्थापना दिवस आईसीएआर- सीएसएसआरआई, करनाल में आयोजित किया गया।

ASRB Celebrates 43th Foundation DayASRB Celebrates 43th Foundation Day

प्रो. रमेश चंद, सदस्य, नीति आयोग द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में एएसआरबी की 42 वर्षों की शानदार यात्रा की प्रशंसा की तथा कृषि अनुसंधान व शिक्षा के क्षेत्र में उभरते मुद्दों के निपटारे के लिए आग्रह किया। उन्होंने कृषि के बदलते परिदृश्य में एएसआरबी से कमियों को ढूंढने तथा उसके समाधान के लिए आह्वान किया ताकि देश निर्माण में सक्रिय योगदान दिया जा सके। उन्होंने एएसआरबी की कार्य दक्षता में मजबूती लाने के लिए वर्तमान नियुक्तियों में संरचनात्मक परिवर्तन का सुझाव दिया। प्रो. रमेश चंद ने कहा कि अपने राज्य और क्षेत्र के बाहर काम कर रहे वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए एक कार्यप्रणाली विकसित की जा सकती है।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप ने अपने संबोधन में एएसआरबी की उपलब्धियों और कृषि अनुसंधान प्रणाली में उत्कृष्टता लाने के लिए सराहना की। उन्होंने विभिन्न समितियों द्वारा अनुशंसित सुझावों के आधार पर एसआरबी की कार्य क्षमता में वृद्धि तथा पारदर्शिता में सुधार पर विचार करते हुए कहा कि वांछित सुधारों हेतु कार्य बिन्दुओं की पहचान के लिए यह उपयुक्त समय है कि विभिन्न हितधारकों के बीच संयुक्त विचार-विमर्श हो।

श्री छबिलेन्द्र राउल, अपर सचिव, डेयर ने देश के विकास और कृषि अनुसंधान हेतु गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन के चयन के रूप में योगदान के लिए एएसआरबी की सराहना की।

डॉ. गुरुबचन सिंह, अध्यक्ष, एएसआरबी, ने अपने स्वागत भाषण में मंडल की नई पहलों के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह सूचना दी कि एएसआरबी द्वारा प्रारंभिक परीक्षा लिखित माध्यम की बजाय अब कंप्यूटर आधारित होने लगी है। उन्होंने कहा कि एएसआरबी मानव त्रुटि की संभावना को समाप्त करने के लिए आरएमपी पदों के लिए आवेदनों की स्क्रीनिंग स्वचालित करने के लिए प्रयास कर रही है।

इसके साथ ही डॉ. सिंह ने कहा कि चयन प्रक्रिया में तेजी लाने तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संपूर्ण डिजटलीकरण का प्रयास भी प्रक्रिया में है।

डॉ. एम. महादेवप्पा, पूर्व अध्यक्ष, एएसआरबी ने देश में कृषि विकास एवं अनुसंधान के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन चयन करने के लिए मंडल के योगदानों की सराहना की और अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा किया।

डॉ. जे.एस. सामरा, पूर्व सीईओ, एनआरएए ने अपने संबोधन में योग्य अनुसंधान पेशेवरों के चयन में एएसआरबी के बहुमूल्य योगदान की सराहना की।

डॉ. वी.एन. शारदा, सदस्य, एएसआरबी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

(स्रोत: एएसआरबी एवं आईसीएआर-सीएसएसआरआई, करनाल, हरियाणा)