शीतकालीन फसलों के लिए किसान वैज्ञानिक संवाद

21 अक्टूबर, 2016, थनका, मरताम

भाकृअनुप – केवीके, पूर्वी सिक्किम, रानीपूल द्वारा राज्य में जनजातीय किसानों की तकनीकी सहायता तथा आजीविका सुरक्षा में वृद्धि के लिए किसान वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया।

Farmer scientist interaction for winter cropsFarmer scientist interaction for winter crops

डॉ. आर.के. अवस्थी, संयुक्त निदेशक, भाकृअनुप – एनओएफआरआई ने ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के महत्व और उचित अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जैविक पोषण उत्पाद बनाने पर बल दिया। उन्होंने किसानों को गुणवत्तापूर्ण जैविक बीज के उत्पादन के लिए उत्साहित किया जिसे वे 2-3 वर्षों तक प्रयोग कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को आजीविका में वृद्धि तथा आत्मनिर्भरता के लिए जैविक बीज उत्पादन कृषि उद्योग की स्थापना के लिए प्रेरित किया क्योंकि राज्य में जैविक बीज की काफी मांग है।

श्री सोनम सेरिंग भुटिया, थनका गांव के किसान प्रतिनिधि ने किसान समुदाय के हित के लिए किसानों द्वारा संगठन के साथ अधिक और बेहतर सहयोग के लिए आश्वस्त किया।

कार्यशाला में 26 कृषक महिलाओं तथा ग्रामीम युवाओं ने भाग लिया। जैविक कीटनाशकों के साथ साथ मटर, गाजर, मूली, पालक और धनिया के बीज कार्यक्रम में वितरित किए गए।

(स्रोत: भाकृनुप - केवीके पूर्वी सिक्किम, रानीपूल)