ब्रूसेलोसिस- 2016 पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद तथा राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से 69 वें अंतरराष्ट्रीय ब्रूसेलोसिस सम्मेलन व अंतर्राष्ट्रीय ब्रूसेलोसिस सोसायटी 2016 की वार्षिक बैठक का आयोजन 17-19 नवंबर, 2016 को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र (एनएएससी), परिसर, नई दिल्ली में किया गया।

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श्री सुदर्शन भगत, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता की गई। उन्होंने अपने संबोधन में आईसीएआर तथा डीबीटी द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा कहा कि इससे भारत में ब्रूसेलोसिस बीमारी से निपटने, रोकने तथा नियंत्रण हेतु भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा जारी प्रगति पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान केन्द्रित होगा।

श्री वाई.एस. चौधरी, केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री ने अपने संबोधन में एक स्वास्थ्य हब की आवश्यकता तथा सुरक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए पशुजनित बीमारियों के आर्थिक महत्व जैसे प्रभावी अंतर-क्षेत्रीय सहयोग पर बल दिया।

श्री के. नारायण राव, सांसद, आंध्र प्रदेश; डॉ. के. विजय राघवन, सचिव, डीबीटी; डॉ. एन. रंगनाथन, अध्यक्ष, इंटरनेशनल ब्रूसेलोसिस सोसाइटी; डॉ. एच. रहमान, उपमहानिदेशक, पशु विज्ञान, भाकृअनुप एवं अध्यक्ष आयोजन समिति तथा डॉ. एस.आर. राव, सलाहकार डीबीटी व सम्मेलन के आयोजन सचिव कार्यक्रम में शामिल हुए।

यह सम्मेलन वर्ष 2012 में शुरू महामारी विज्ञान तथा नई पीढ़ी के टीके और निदान के विकास के लिए जारी ब्रूसेलोसिस पर डीबीटी-नेटवर्क परियोजना का एक परिणाम है। यह सम्मेलन तथा वार्षिक बैठक भारत में पहली बार आयोजित किया गया है।

 

ब्रूसेलोसिस एक व्यापक प्रसार वाली महामारी तथा उपेक्षित पशु जनित रोग है जिसके कारण भारी आर्थिक नुकसान होता है, जो भारत में लगभग 20,000 करोड़ रुपए प्रति वर्ष है। ब्रूसेलोसिस नामक भयानक रोग ब्रूसिला बैक्टीरिया के जीनस से पैदा होती है। ब्रूसिला की विभिन्न प्रजातियां गाय, भैंस, भेड़, बकरी, शूकर, कुत्तों और अन्य जानवरों के साथ-साथ मनुष्य को भी संक्रमित करती हैं। वर्तमान में यह रोग 17 देशों से समाप्त की जा चुकी है लेकिन एशिया और अफ्रीकी देशों में ये महामारी अब भी जारी है।

अंतरराष्ट्रीय ब्रूसेलोसिस सम्मेलन – 2016 विश्व के देशों के वैज्ञानिकों तथा विशेषज्ञों को तकनीकी मंच प्रदान करता है।

तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान ब्रूसेलोसिस से संबंधित विभिन्न मुद्दों के साथ ही ब्रूसिला रोगजनक पर केन्द्रित विस्तृत एवं अंतर-विषयी क्षेत्र ‘एकल स्वास्थ्य’ की अवधारणा पर विचार-विमर्श किया गया जिसमें मेजबान रोगज़नक़, मानव ब्रूसेलोसिस, महामारी विज्ञान एवं नियंत्रण, भारत में ब्रूसिला अनुसंधान, कुत्ते और वन्य जीव ब्रूसेलोसिस, निदान विधियों, टीकों और इम्यूनोलॉजी (रक्षातंत्र विज्ञान) जैसे विषय शामिल थे।

इस अवसर पर तीन नए निदान से संबंधित किट तथा एक सीडी जारी की गई जिसमें 25 वर्षों के दौरान इंडियन जर्नल ऑफ एनिमल साइंस (भारतीय पशु विज्ञान, पत्रिका) में ब्रूसेलोसिस पर आधारित प्रकाशित अनुसंधान लेख शामिल थे। इसके साथ ही 10 राज्यों के 50 गांवों में प्रयोगिक स्तर की योजना “ब्रूसेला मुक्त गांव” को जारी करने की घोषणा की गई।

सम्मेलन में 27 देशों के 300 प्रतिभिगियों ने भाग लिया।

(स्रोतः पशु विज्ञान संभाग, भाकृअनुप)