भाकृअनुप – सीआईएफटी, कोचिन तथा मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

9 जनवरी, 2017, कोचिन

भाकृअनुप- केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईएफटी), कोचिन द्वारा मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश के साथ एक समझौता ज्ञापन पर श्री ठाकुर सिंह भरमौरी, वन एवं मात्स्यिकी मंत्री, हिमाचल प्रदेश की उपस्थिति में हस्ताक्षर किया गया। इसका उद्देश्य सीआईएफटी के तकनीकी सहयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश में कैनिंग (डिब्बाबंदी) व मछली प्रसंस्करण इकाई की स्थापना करना है।

भाकृअनुप – सीआईएफटी, कोचिन तथा मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षरभाकृअनुप – सीआईएफटी, कोचिन तथा मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

श्री ठाकुर सिंह, भरमौरी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि भाकृअनुप- सीआईएफटी तथा मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से राज्य में मात्स्यिकी क्षेत्र का विकास होगा।

डॉ. सी.एन. रविशंकर, निदेशक, भाकृअनुप- सीआईएफटी ने अपने संबोधन में संस्थान की उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्रदान की। हिमाचल प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने देश के मात्स्यिकी क्षेत्र में उत्पादन तथा उत्पादन प्राप्त करने के बाद की समस्याओं को कम करने के लिए अन्य राज्यों के संबंधित विभागों से आग्रह किया।

श्री गुरचरण सिंह, निदेशक, मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश ने कहा कि आईसीएआर-सीआईएफटी द्वारा क्षेत्र सर्वेक्षण तथा स्थिति विश्लेषण के कारण हिमाचल प्रदेश में मात्स्यिकी क्षेत्र के विकास के लिए रणनीति बनाने में सहयोग प्राप्त हुआ है। हिमाचल प्रदेश ट्राउट उत्पादन में अग्रणी राज्य है तथा राज्य का मात्स्यिकी विभाग द्वारा भाकृअनुप- सीआईएफटी की अनुशंसाओं के अनुसार अन्य पालने योग्य मछली किस्मों के उत्पादन में वृद्धि के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं।

समझौता ज्ञापन के अनुसार आईसीएआर- सीआईएफटी द्वारा प्रसंस्करण इकाई, उपकरणों की प्राप्ति तथा प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर मात्स्यिकी विभाग के अधिकारियों तथा मछुआरों के प्रशिक्षण पर विवेचना प्रदान की जाएगी। प्रसंस्करण इकाइयों का निर्माण गोविंद सागर, पोंग, सोलन तथा उना जिलों में किया जाएगा।

डॉ. जॉर्ज निनान, प्रधान सचिव एवं प्रधान निरीक्षक, एग्री बिजनेस इन्क्यूबेशन सेंटर, आईसीएआर- सीआईएफटी तथा श्री गुरचरण सिंह, निदेशक व प्रबंधक, मात्स्यिकी विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

संस्थान तथा मात्स्यिकी विभाग, केरल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

(स्रोतः भाकृअनुप- केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, कोचिन)