पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह

21 दिसंबर, 2016, नई दिल्ली

Plant Genome Saviorपौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 6वें पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह का आयोजन बी.पी. पॉल सभागार, नई दिल्ली में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह द्वारा की गई ।

इस अवसर पर श्री सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में परंपरागत एवं गोपशु आधारित जैविक खेती की चर्चा की जो प्राकृतिक आपदाओं के प्रति भी एक सीमा तक सहिष्णु हैं। उन्होंने कहा कि पौध किस्म की सुरक्षा तथा किसानों तथा पादप प्रजनकों के अधिकारों की सुरक्षा प्रदान करने के लिए कार्य करने वाले इस प्राधिकरण के माध्यम से आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पौधों तथा उनके वन्य संबंधियों के अनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण, सुधार और रक्षा करने वालों किसानों को सम्मानित कर प्राधिकरण ने सराहनीय कार्य किया है।

पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह<br />
पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह<br />
पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह<br />
पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह<br />
पादप जीनोम संरक्षण पुरस्कार समारोह<br />

6 किसान समूहों को जीनोम संरक्षण पुरस्कार प्रदान किए गए जो निम्नलिखित हैः

  • ग्राम सामग और दनवंतपोरा, अनंतनाग, जम्मू व कश्मीर के कृषक समुदाय
  • चेंगली कोदन बनाना ग्रोअर्स एसोसिएशन, ग्राम- केरियानुर, त्रिशुर, केरल
  • सागर कृष्णनगर स्वामी विवेकानंद यूथ कल्चरल सोसाइटी, ग्राम-कृष्णानगर, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल
  • खोला/ केन्नाकोना चिली कल्टीवर्स ग्रुप्स, ग्राम- खोला, दक्षिणी गोवा, गोवा
  • कारेन वेल्फेयर एसोसिएशन, ग्राम- वेबी, उत्तर और मध्य अंडमान, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह

    इसके साथ ही 3 किसानों को पादप जीनोम संरक्षण कृषक सम्मान तथा 11 किसानों को पादप आनुवंशिक संसाधनों को संरक्षित करने व उनका टिकाऊ उपयोग करने में सहायता प्रदान करने के किये सम्मानित किया गया। पादप जीनोम पुरस्कार के माध्यम से डेढ़ लाख रुपये तथा प्रशस्ति पत्र तथा किस्म आनुवंशिक संसाधन संरक्षण पुरस्कार के माध्यम से 1 लाख रुपये तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गये।

    डॉ. हचिनाल, अध्यक्ष, पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण ने अपने संबोधन में प्राधिकरण की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब तक 114 फसल प्रजातियों के पंजीकरण की विभिन्न तकनीकी एवं वैधानिक शर्तें पूरी कर ली गई हैं तथा अन्य 25 फसलों को भी शीघ्र ही पंजीकृत किया जाना है।

    इस कार्यक्रम में श्री आर.के. सिंह, संयुक्त सचिव (बीज), कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग; श्री अशोक दलवई, अतिरिक्त सचिव, कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग; डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, भाकृअनुप; श्री एस.के. पटनायक, सचिव, कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग ने भाग लिया।

    डॉ. आर.सी. अग्रवाल, महापंजीकार, पौध किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्रधिकरण ने कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

    (स्रोतः हिन्दी सम्पादकीय एकक, भाकृअनुप – डीकेएमए)